बलिया
बुजुर्ग लाचार, बलिया में ठेले पर स्वास्थ्य सिस्टम- अस्पताल लेने जाने तक महिला की मौत
बलिया में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था की वजह से एक बुजुर्ग महिला की जान चली गई। जहां स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलने वाली एक शर्मनाक घटना सामने आई है। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग के सभी दावों की हकीकत को उजागर कर दिया। बुजुर्ग दंपति को लचर स्वास्थ्य विभाग का सामना करना पड़ा। और बुजुर्ग की मौत तक हो गई। यहां तक कि लाश के लिए वाहन नहीं मिला।
जहां एक लाचार बुजुर्ग पति को बीमार पत्नी को 3 किमी दूर ठेले से इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। और जब वह अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर्स ने रेफर कर दिया जिसके बाद बुजुर्ग ने पैसों का इंतजाम कर टेम्पो से जिला अस्पताल पहुंचाया। इतना सबके बावजूद पत्नी की जान नहीं बचा पाया। हद तो तब हो गई जब लाश को जिला अस्पताल से घर ले जाने के लिए भी एम्बुलेंस नहीं मिली तो 11 सौ रुपये किराया देकर निजी एम्बुलेंस से पत्नी की लाश लेकर घर लौट सका।
दरअसल चिलकहर ब्लॉक के अन्दौर गांव के सुकुल प्रजापति की पत्नी 55 वर्षीय जोगनी की तबियत खराब हो गई। अस्पताल तक जाने के लिए कोई साधन नहीं मिला, लिहाजा ठेले पर ही पत्नी को लेटाकर तीन किमी दूर पीएचसी चिलकहर पहुंचे। सुकुल के मुताबिक, स्वास्थ्य केन्द्र पर कुछ दवाएं देकर डॉक्टर ने जिला अस्पताल ले जाने को कहा। रास्ते में पियरिया के पास पत्नी को ठेला पर ही छोड़कर वह पैदल घर आ गये। पैसे-कपड़े आदि लेकर वापस पत्नी के पास पहुंचे और वहां से टेम्पो से पत्नी को जिला अस्पताल पहुंचे।
लेकिन सदर अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। सुकुल के मुताबिक रात करीब 12 बजे मौत के बाद लाश ले जाने के लिए अस्पताल वालों से एम्बुलेंस मांगा तो उन्होंने रात में वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होने की बात बताई। लाचार होकर 11 सौ रुपये में निजी एम्बुलेंस किराए पर तय किया और लाश को लेकर पहुंचे।
वहीं यह मामला ट्वीट के जरिये शासन तक पहुंचा है। इसकी जांच का निर्देश भी जारी हो चुका है। सीएमओ डा. नीरज पांडे का कहना है कि जानकारी होने पर पता कराया गया तो चिलकहर पीएचसी पर ठेले से किसी मरीज के पहुंचने की जानकारी नहीं मिली। अस्पताल से एम्बुलेंस नहीं मिलने की किसी ने शिकायत नहीं की है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। मामले में किसी के भी दोषी निकलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बलिया
शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।
फेफना
दिखाया जज़्बा: जमुना राम मेमोरियल स्कूल के कराटे वीरों ने जीते 22 पदक, बलिया में बजाया अपना डंका
बलिया के बापू भवन में आयोजित 2nd Gyanti Devi Memorial Cup District Karate Championship 2K25 में जिले के लगभग 15 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव के 22 छात्रों ने प्रतिभाग कर दमखम दिखाया।
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल के 12 छात्रों ने स्वर्ण पदक , 6 ने रजत पदक और 4 ने कांस्य पदक हासिल किए। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया बल्कि माता-पिता और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अबरी के.बी. एवं प्रबंध निदेशक तुषार नंद जी ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी छात्र ऐसे आयोजनों में भाग लेकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म
बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।
भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।
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