featured
बलिया के डॉ. सागर ने लिखा रैप सांग ‘बंबई में का बा’, देश भर में मचा रहा धूम
बलिया डेस्क : बलिया में जन्में डॉ. सागर का नया भोजपुरी सांग ‘बंबई में का बा’ इस वक्त काफी चर्चा में है। ये सांग इसलिए भी चर्चा का विषय है क्योंकि पहली बार ‘रैप’ भोजपुरी जबान में गाया गया है और इसमें अनुभव सिन्हा व मनोज बाजपेयी ने 26 साल बाद साथ काम किया है। ये सांग अनुभव सिन्हा के निर्देशन में फिल्माया गया है।
वहीं एक्टर मनोज बाजपेयी ने इसपर परफार्म करते हुए इसे खुद गाया भी है। इसका प्रोडक्शन टी-सीरीज़ और बनारस बीट के बैनर तले किया गया है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी भोजपुरी सांग के लिए इतने नामी-गिरामी कलाकार एक साथ काम कर रहे हैं। मनोज बाजपेई का कहना है कि ये सांग लोगों की जिंदगी को छूता है। उन्होंने कहा कि इसे पढ़कर ऐसा लगा जैसे उनकी ही बात हो रही है।
ये रैप उन प्रवासियों की ज़िंदगी को लेकर लिखा गया है, जो मुंबई में रह रहे हैं। इस पूरे रैप में बार-बार ‘बंबई में का बा?’ यानी मुंबई में क्या है, पूछा गया है। डॉ. सागर ने अपने इस रैप के ज़रिए ये बताने की कोशिश की है कि मुंबई में रहने वाले प्रवासी अपने गांव को छोड़कर इसलिए आए हैं ताकि वह दो वक्त की रोटी का इंतेज़ाम कर सकें। इसके सिवा उनके लिए मुंबई में कुछ नहीं रखा।
उन्होंने रैप में लॉकडाउन के पलायन की पीड़ा को भी बेहद खूबसूरत अंदाज़ में पेश किया है। सवालों के ज़रिए उन्होंने पलायन के गुस्से को व्यक्त करने की कोशिश की है। रैप में डॉ. सागर ने बेहद सटीक शब्दों में ये बताने की कोशिश की है कि यूपी और बिहार के लोग मुंबई में क्या करते हैं।
कौन हैं डॉ. सागर? बलिया के नगरा से ताल्लुक रखने वाले डॉ. सागर ने अपनी पी.एचडी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से की है। डॉ. सागर को शुरू से ही शायरी में दिलचस्पी रही है, इसी दिलचस्पी के कारण वह शायर बने और अपने हुनर को फिल्मों में आजमाया और उन्हें कामयाबी भी मिली। ‘लव यू सोनियो’ और ‘मैं और चार्ल्स’ फिल्म के उनके गाने काफी सुने गए। दिलचस्प बात ये है कि भोजपुरी फिल्मों में गीत लिखने वाले डॉ. सागर बॉलीवुड में भी अपनी कलम का लोहा मनवा चुके हैं।
featured
UPSC में सफलता पर बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में आदित्य कृष्ण तिवारी का सम्मान
जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले आदित्य कृष्ण तिवारी को विद्यालय परिसर में सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें अंगवस्त्र व पुष्प भेंट कर सम्मानित करते हुए उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर आदित्य के पिता अशोक तिवारी, अरुण तिवारी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मा नंद, प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह, अरविंद चौबे, आनंद मिश्रा समेत अन्य शिक्षकों व गणमान्य लोगों ने आदित्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में केसरी नंदन त्रिपाठी (पूर्व चेयरमैन) तथा अमरजीत सिंह (चेयरमैन, नगर पंचायत चितबड़ागांव) भी उपस्थित रहे। उन्होंने आदित्य कृष्ण तिवारी को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा
featured
Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।


