जिला महिला अस्पताल में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से कई महिलाएं आती हैं, लेकिन अस्पताल में खून की जांच न होने पर महिलाओं को प्राइवेट क्लीनिकों का रूख करना पड़ रहा है। यहां महिलाओं से 1000 से 1500 रुपये लिए जा रहे हैं। महिला अस्पताल में रोजाना चार से पांच सौ मरीजों की ओपीडी है। 40 प्रतिशत लोगों को खून की जांच लिखी जाती है। इस समय प्रेग्नेंसी व ब्लड ग्रुप की मैनुअल जांचें ही हो पा रहीं हैं। एसएनसीयू वार्ड में भर्ती बच्चों की रोज जांच कर उनकी स्थिति देखी जाती है।
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