बलिया
कोरोना संकट: अपने हुए बेगाने, पति ने पत्नी को घर में रखने से किया इंकार
बलिया डेस्क : अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेने वाले पति को कोरोना का खौफ इस कदर घेरा हुआ है कि मायके से आई पत्नी को घर पर रखने से ही इंकार कर दिया.
निराश पत्नी पहले तो अपने पति से खूब मिन्नतें की, लेकिन जब पति नहीं माने तो मजबूरन बबिता जिला अस्पताल आकर रहने को मजबूर हो गयी. दो दिन इसी तरह रहने के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से उसे फिलहाल बर्न वार्ड में रहने की व्यवस्था करा दी गयी है. सुबह-शाम भोजन भी दिया जा रहा है तथा समय-समय पर अस्पताल के चिकित्सक तथा कर्मचारी उसका हालचाल ले रहे हैं.
उधर इस संबंध कोतवाल विपिन सिंह का कहना है कि मामला कोरोना से जुड़ा है, उसके पति से संपर्क किया गया तो पति का यही कहना है कि हम तो शासन के निर्देशों का पालन कर रहे हैं, हम नहीं रख सकते, लॉक डाउन के बाद ही हम अपनी पत्नी को अपने घर पर रखेंगे. ऐसे में पुलिस महिला को जिला अस्पताल भेज दिया है, जहां भोजन आदि की व्यवस्था कराने के साथ फिलहाल बर्न वार्ड में उसको रखी गयी है. लॉक डाउन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
बिहार के सीवान जिला अंतर्गत जामबाजार निवासी बबिता देवी की शादी पांच साल पहले शहर कोतवाली क्षेत्र के गुरुद्वारा रोड निवासी गणेश प्रसाद के साथ हुई थी. पति द्वारा घर पर रखने से इंकार किए जाने के बाद महिला ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए बताया कि वे दो महीना पहले अपने मायके सीवान के राजानगर गयी थी.
दो महीना वहां रहने के बाद बीते शनिवार को कोरोना के संकट के बीच अपने पति व अपनी चार साल की बच्ची की देखभाल करने के लिए वह एक निजी साधन से बलिया आ गयी और सीधे गुरूद्वारा रोड स्थित अपने ससुराल गयी, उसको उम्मीद थी कि उसका पति उसको देखते ही खुश हो जाएंगे, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस पति ने उसके साथ सात फेरे लिए वह पति कोरोना के कारण उसको घर पर रखने से ही इंकार कर देगा.
बबिता ने बताया कि वह पहले अपने पति के पास खूब गिड़गिड़ाई, लेकन जब उसके पति का दिल नहीं पसीजा तो मजबूरन बाहर निकल गयी.
इसबीच पुलिसवालों की नजर उस पर पड़ने के बाद पुलिस ने उसके पति से संपर्क साधा, लेकिन उसके पति लॉक डाउन के बाद ही घर पर रखने को तैयार हुए. ऐसे में पुलिस उसे जिला अस्पताल लाकर शिफ्ट कर दिया है, जहां वह फिलहाल रह रही है.
बलिया
शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।
फेफना
दिखाया जज़्बा: जमुना राम मेमोरियल स्कूल के कराटे वीरों ने जीते 22 पदक, बलिया में बजाया अपना डंका
बलिया के बापू भवन में आयोजित 2nd Gyanti Devi Memorial Cup District Karate Championship 2K25 में जिले के लगभग 15 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव के 22 छात्रों ने प्रतिभाग कर दमखम दिखाया।
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल के 12 छात्रों ने स्वर्ण पदक , 6 ने रजत पदक और 4 ने कांस्य पदक हासिल किए। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया बल्कि माता-पिता और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अबरी के.बी. एवं प्रबंध निदेशक तुषार नंद जी ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी छात्र ऐसे आयोजनों में भाग लेकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म
बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।
भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।


