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बलिया – सिपाही को सोशल मीडिया पोस्ट पड़ी महंगी, साथियों को भड़काने के आरोप में बर्खास्त

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बलिया पुलिस में कार्यरत में एक सिपाही को सोशल मीडिया में पोस्ट करना इतना भारी पड़ गया कि उसे अपनी नौकरी से ही हाथ धोना पड़ा। सिपाही को सोशल मीडिया पर आधारहीन सामग्री वाली पोस्ट करने और पुलिसकर्मियों के बीच असंतोष की भावना भड़काने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों की सैलरी और काम के घंटों समेत अन्य मामलों को लेकर पोस्ट किया था। उसके इस पोस्ट को अनुशासनहीनता के साथ ही भड़काने वाला माना गया है। जिसके चलते कार्रवाई की गई है।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक आर के नैय्यर ने बताया कि बलिया पुलिस में कार्यरत आरक्षी रवि यादव को बर्खास्त कर दिया गया है। उन्‍होंने बताया कि पुलिसकर्मियों का वेतन बढ़ाने, 8 घंटे से ज्यादा ड्यूटी न करने, विभागीय उच्च अधिकारियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने और असंतोष की भावना उत्पन्न करने और सोशल मीडिया पर असंगत तथ्यों को पोस्ट कर पुलिसकर्मियों को भड़काने के आरोप में आरक्षी के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरक्षी रवि यादव पुलिस लाइन में तैनात था और वह जौनपुर जिले के सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के कुहिया गांव का रहने वाला है।

बता दें पुलिस हमेशा ही लोगों से सोशल मीडिया का दुरुपयोग न करने का अपील करती रहती है। ऐसे में एक सिपाही ने ही सोशल मीडिया पर आधारहीन सामग्री वाली पोस्ट की। जिसके चलते पुलिस विभाग हरकत में आया। और सिपाही को बर्खास्त कर दिया। सिपाही पर लगे सभी आरोपों को ध्यान में रखते हुए पूरी कार्रवाई की गई है।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!

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बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,

छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।

योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।

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