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बलिया- प्रशासन ने धीरेंद्र का मकान गिराने का फरमान किया था जारी, लेकिन विधायक ने…
बलिया । योगी सरकार में जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को गिरफ्तारी व हिरासत का अंतर ही मालूम नहीं है । इसके अलावा बलिया के दुर्जनपुर कांड में हाथरस कांड की पुनरावृत्ति होते होते बच गई। प्रदेश शासन के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने हाथरस कांड की तर्ज पर तड़के ही मृतक के अंतिम संस्कार के लिये जमकर दबाव बनाया, लेकिन हाथरस कांड में पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई को देख चुके स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने तड़के अंतिम संस्कार करने से हाथ खड़ा कर लिया।
अजब नौकरशाही- योगी सरकार में नौकरशाही की भी अजीब स्थिति है । रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर ग्राम में कल सरकारी सस्ते गल्ले के राशन की दुकान के आवंटन के दौरान हुए बवाल में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में जिला प्रशासन के आला अधिकारी के बयान से यही स्पष्ट हो रहा है कि योगी सरकार में जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को गिरफ्तारी व हिरासत का अंतर ही मालूम नहीं है।
पुलिस वाले भी असमंजस में- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त कदम के बाद आज अपर पुलिस महानिदेशक ब्रज भूषण घटना स्थल पर पहुँचे। उन्होंने पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर जानकारी दी कि रेवती कांड के मामले में पुलिस के हत्थे अभी तक सिर्फ मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह का भाई नरेंद्र प्रताप ही आ सका है।
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ आज सुबह से ही सिर्फ यह बयान दे रहे हैं कि इस कांड में कोई आरोपी गिरफ्तार नही हुआ है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक संजय यादव ने 5 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की पुष्टि की।
डीएम ने पूरी कर दी सारी कसर- दूसरी तरफ जिलाधिकारी हरि प्रताप शाही ने आज सुबह से ही मीडिया को जानकारी दी कि इस मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार हो गए हैं । नरेन्द्र प्रताप की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने बयान दिया कि 6 आरोपी गिरफ्तार कर लिये गये हैं। पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारियों के बयान में विरोधाभास के कारण मीडिया से जुड़े लोगों को काफी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
यहां भी थी अंतिम संस्कार की तैयारी- रेवती कांड में मृतक के अंतिम संस्कार के मामले ने प्रदेश शासन के आला अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। सूत्रों के अनुसार रेवती कांड के सरगर्म होने व इसको लेकर राजनैतिक प्रतिक्रिया के बाद प्रदेश शासन के अधिकारियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मृतक का रात्रि समय अथवा तड़के ही अंतिम संस्कार करने का जमकर दबाव बनाया। इसको लेकर पुलिस अधिकारियों के होश फाख्ता हो गए।
हाथरस कांड में पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज से सहमे पुलिस अधिकारियों ने रात्रि समय व तड़के अंतिम संस्कार कराने से मना कर दिया । पुलिस अधिकारी अपने एक वरिष्ठ अधिकारी के एक निर्देश को लेकर भी असहज हो गए।
मकान जमींदोज कराने भी पहुंच गए- कल रात्रि पुलिस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे । मुख्यमंत्री के सख्त तेवर को देखते हुए इस वरिष्ठ अधिकारी ने रात्रि समय ही कांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह डब्ल्यू का मकान जे सी बी से जमींदोज कराने का फरमान जारी कर दिया।
इसकी भनक बैरिया क्षेत्र के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह को लग गई। भाजपा विधायक सिंह ने इस कार्रवाई पर सख्त एतराज जताया तथा जमींदोज कार्य में शामिल सरकारी कर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दे दी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने यू टर्न ले लिया तथा मुख्य आरोपी के मकान को ध्वस्त कराने के निर्णय को टाल दिया।
विधायक के रुख से भाजपा की फजीहत- रेवती कांड में भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह के कारण भाजपा बैक फुट पर आ गई है। भाजपा के जिलाध्यक्ष जय प्रकाश साहू ने रेवती कांड के मुख्य आरोपी के भाजपा कार्यकर्ता होने की खबर समाचार चैनलों पर चलने के बाद बयान दिया कि धीरेंद्र प्रताप भाजपा में किसी पद पर नहीं हैं।
उधर भाजपा विधायक सिंह ने कल ही जानकारी दे दी कि आरोपी दल के पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर इसको लेकर भाजपा विधायक को जब आड़े हाथों लिया जाने लगा तो भाजपा विधायक ने धीरेंद्र को भाजपा का समर्थक बता दिया। इसके बाद वह आज खुलकर सामने आ गए।
उन्होंने आज बोल दिया कि धीरेंद्र ने आत्म रक्षा में गोली मारी है अन्यथा उनके परिवार व सहयोगी दर्जन भर लोग मार दिये गए होते। भाजपा विधायक के इस रुख के कारण इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर इस मसले पर भाजपा का पक्ष रखने वाले नेताओं को काफी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
अनूप कुमार हेमंकर
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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