बलिया पेपर लीक केस में पत्रकारों की गिरफ्तारी के बाद से ही पत्रकार संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अब पत्रकारों ने 16 अप्रैल को बलिया बंद का फैसला लिया है। गिरफ्तार पत्रकारों की रिहाई, डीएम और एसपी के निलंबन की मांग को लेकर संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के बैनर तले चल रहे आंदोलन में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
बता दें कि 16 अप्रैल को बलिया बंद के फैसले को उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ बलिया, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ बलिया, सेवा निवृत्त शिक्षक कर्मचारी/अधिकारी समन्वय समिति बलिया, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन बलिया, रसोइया संघ, कोटेदार संघ, अधिवक्ता संघ, टैक्स बार एसोसिएशन बलिया, भूतपूर्व सैनिक संगठन बलिया, ट्रेड यूनियन बलिया, छात्र संगठन, जनपद के विभिन्न व्यापारी संगठनों के अलावा राजनैतिक और सामाजिक संगठनों ने समर्थन दिया है।
पत्रकार संघठन के द्वारा जिलेवासियों से भी अपील की गई है कि शहर बंदी में हिस्सा लें। बता दें कि जब से पत्रकारों की गिरफ्तारी हुई है, तब से ही पत्रकार संगठन अलग-अलग तरीके से प्रदर्शन कर विरोध जता चुके हैं। लेकिन पत्रकारों की रिहाई न होने पर अब उन्होंने बलिया बंदी का निर्णय लिया है।
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