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बलिया – चुनाव जीतते ही जिला पंचायत अध्यक्ष और पूर्व मंत्री पर पुलिस ने की FIR
बलिया। उत्तर प्रदेश के खेलकूद राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी के प्रति सपा कार्यकर्ताओं द्वारा आपत्तिजनक नारेबाजी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने के बाद मुलायम सिंह व अखिलेश यादव सरकार में मंत्री रहे अम्बिका चौधरी व उनके जिला पंचायत अध्यक्ष बेटे सहित दस लोगों के खिलाफ नामजद व सौ अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है तथा पुलिस ने एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक डॉ विपिन ताडा ने बताया कि बलिया शहर कोतवाली में अश्विनी तिवारी की शिकायत पर मुलायम सिंह व अखिलेश यादव सरकार में काबिना मंत्री रहे अम्बिका चौधरी व उनके जिला पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष बेटे आनन्द चौधरी सहित दस लोगों के खिलाफ नामजद व सौ अज्ञात के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 147 , 148 , 149 , 342 , 504 , 506 व 500 में आज मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर आज एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में सपा के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए खेलकूद राज्य मंत्री , स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी के प्रति आपत्तिजनक नारेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष का कल चुनाव हुआ, जिसमें सपा के आनन्द चौधरी विजयी हुए। यह वीडियो सपा की जीत के बाद का बताया जा रहा है। वीडियो सार्वजनिक होने के बाद भाजपा कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। भाजपा के जिलाध्यक्ष जय प्रकाश साहू की अगुवाई में भाजपा के तमतमाये कार्यकर्ता आज पुलिस अधीक्षक डॉ विपिन ताडा से उनके आवास पर मिले। भाजपा के जिलाध्यक्ष जय प्रकाश साहू ने बताया कि जीत के जश्न में सपा के कार्यकर्ताओं ने कल खेलकूद राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी की माँ, बहन व बेटी के विरुद्ध अपशब्द कहे
। यह अत्यंत निंदनीय कार्य है। दरअसल सोशल मीडिया पर दो दिन पहले एक वीडियो सार्वजनिक हुआ था। इस वीडियो में खेलकूद राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी मुलायम सिंह व अखिलेश यादव सरकार में काबिना मंत्री रहे अम्बिका चौधरी के विरुद्ध आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं। वीडियो में तिवारी भाषण देते हुए बोल रहे हैं कि अम्बिका चौधरी को बताना चाहिए कि कितने बाप बदले , कितनी माँ बदली तथा कितनी बहन बदलकर राजनीति में आये हैं। इस मौके पर राज्य मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल , भाजपा विधायक त्रय सुरेंद्र सिंह , संजय यादव व धनन्जय कन्नौजिया, जिलाध्यक्ष जय प्रकाश साहू भी मौजूद रहे दिखाई दे रहे हैं ।
वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने के बाद खेलकूद राज्य मंत्री , स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री अम्बिका चौधरी पर निशाना साधा है । उन्होंने भाषा से बातचीत करते हुए कहा कि वीडियो में उनकी अधेड़ माँ व बहन को अपशब्द कहे जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि अम्बिका चौधरी अपने बेटे के जरिये सपा में फिर से शामिल होने की जुगत में हैं । उनके प्रति अपशब्दों से भरी नारेबाजी के जरिये वह सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव व राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का सम्मान बढ़ा रहे हैं । उन्होंने कहा कि सूबे में 75 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हुआ है , लेकिन 74 जिलों में इस तरह की स्थिति सामने नही आयी।
मुलायम सिंह व अखिलेश यादव सरकार में काबिना मंत्री रहे अम्बिका चौधरी ने कहा कि राज्य मंत्री तिवारी ने सार्वजनिक रूप से उनकी माँ , बहन व पिता के प्रति अशिष्ट शब्द कहे। उन्होंने इस पर कुछ नही कहा। कल चुनाव के बाद वह कलेक्ट्रेट से घर चले आये । उनका बेटा आनन्द भी पुलिस की सुरक्षा में घर पहुंचा। उनकी तरफ से कोई विजय जुलूस नही निकाला गया।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


