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बलियाः शिक्षक की मौत के बाद परिजनों ने कोतवाली परिसर में शव रखकर किया हंगामा
बलिया में शिक्षक की असामयिक मौत के बाद नाराज परिजनों ने कोतवाली परिसर में जमकर हंगामा किया। शिक्षक के शव को रखकर धरना दिया। इस दौरान मृतक की पत्नी ने पारिवारिक लोगों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
जानकारी के मुताबिक बलिया के सोहांव के कम्पोजिट विद्यालय बड़ौरा में तैनात प्रभारी प्रधानाध्यापक नीरज कुमार सिंह उर्फ बंटी के असामयिक मौत होने से नाराज परिजनों ने कोतवाली में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर हंगामा किया।
बताया जा रहा है कि मृतक शिक्षक नीरज कुमार सिंह उर्फ बंटी का सम्पत्ति को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा था। दूसरे पक्ष की तरफ से हुए एफआईआर में नीरज सिंह को जेल भी जाना पड़ा था।
मृतक की पत्नी का आरोप है कि दूसरे पक्ष द्वारा लगातार नीरज सिंह पर मानसिक प्रताड़ना की जा रही थी। इस वजह से जेल से छूटने के बाद नीरज सिंह की तबीयत खराब रहने लगी। बीती रात नीरज सिंह के मौत के बाद परिजन शव को लेकर कोतवाली पहुंच गए।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि दूसरा पक्ष अपने रसूख का प्रयोग कर रहा है। इसलिए पुलिस एफआईआर करने में आनाकानी कर रही है। कोतवाल राजीव सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु का कारण पता चल सकेगा।

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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