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बलिया प्रशासन ने गरीब महिला का ज़ब्त कर लिया था भूसा-तराज़ू, पत्रकार ने जुर्माना भरकर छुड़ाया, हुई तारीफ़
बलिया डेस्क : सोशल मीडिया पर भारत समाचार न्यूज़ चैनल की जमकर तारीफ़ हो रही है। चैनल की तारीफ़ इसलिए हो रही है क्योंकि उसने बलिया की एक गरीब महिला के दर्द को स्क्रीन पर जगह दी और उसकी हर तरह से मदद की। दरअसल, कुछ दिनों पहले ज़िला प्रशासन ने सड़क किनारे लगने वाली अवैध दुकानों के खिलाफ़ कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई के दौरान नगर पालिका ने सड़क किनारे भूसा बेच रही एक गरीब महिला का भी चालान काट दिया था।
गरीबी एक अभिशाप है। इसका दर्द बस वही समझते है, जिसने रोटी का आभाव झेला हो। बलिया की यह गरीब महिला, भूसा बेचकर बच्चों का पेट पालती थी। इसका चालान कटा, भूसा और तराजू जब्त कर लिया। कोरोना काल में जब लोग रोटी को तरस रहे हो, तुम्हे लाज नहीं आई, इस पर टैक्स लगाते। बलिया, ऐसा तो ना था pic.twitter.com/SMrB9cnbn8
— Brajesh Misra (@brajeshlive) August 16, 2020
इस गरीब के हिस्से का जुर्माना हम भरेंगे। भारत समाचार के बलिया संवाददाता, सर्वेद विक्रम जी नगर पालिका दफ्तर जाकर स्वयं, जुर्माने की रकम अदा करेंगे और इस गरीब महिला का भूसा और तराजू वापस दिलाएंगे। @Virendrauptv
— Brajesh Misra (@brajeshlive) August 16, 2020
नगर पालिका ने महिला पर एक हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया था। लेकिन जब महिला जुर्माना की रकम नहीं भर सकी, तो नगर पालिका ने उसका भूसा और तराज़ू जब्त कर लिया। ज़िला प्रशासन की इस कार्रवाई से महिला बेहद परेशान हो गई। जिस भूसे को बेचकर वह बच्चों का पेट पालती थी, उसे नगर पालिका ने ज़ब्त कर लिया था। वह प्रशासन से उसका समान वापस किए जाने की गुहार लगा रही थी। लेकिन उसकी गुहार नहीं सुनी जा रही थी।
ऐसे में भारत समाचार महिला के लिए मसीहा बनकर सामने आया और उसने पूरे देश के सामने महिला के दर्द को रखा। चैनल की इस कवरेज के बाद राज्य सरकार में मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने सबके सामने महिला की मदद करने का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि वो महिला पर लगाए गए जुर्माने की रकम को भरेंगे। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी उन्होंने ऐसा नहीं किया। जिसके बाद भारत समाचार ने ख़ुद ही जुर्माने की रकम भरने का फैसला किया।
प्रिय बलिया वासियों, भारत समाचार के रिपोर्टर सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने इस गरीब महिला को सरकारी जुर्माने का पैसा दे दिया है। जब्त किया गया भूसा और तराजू वापिस मिल गया है। अम्मा अब फिर से भूसा बेचेगी। आत्मसम्मान के साथ इज़्ज़त की रोटी कमाकर अपने बच्चों को खिलाएगी। भारत माता की जय। pic.twitter.com/SgCNyXpE8B
— Brajesh Misra (@brajeshlive) August 17, 2020
चैनल के इडिटर इन चीफ ब्रजेश मिश्रा ने ट्वीट कर कहा, ‘इस गरीब के हिस्से का जुर्माना हम भरेंगे’। ब्रजेश मिश्रा के इस ऐलान के बाद भारत समाचार के संवाददाता सर्वेंद्र विक्रम सिंह कथित तौर पर ख़ुद नगर पालिका के दफ्तर गए और उन्होंने महिला पर लगाए गए जुर्माने की रकम को भर दिया। जुर्माने की रकम भरे जाने के बाद महिला को उसका भूसा और तराज़ू दे दिया गया। ब्रजेश मिश्रा ने इस पूरे मामले को ट्विटर पर शेयर भी किया है।
जिसके बाद उनकी तारीफ के साथ ही सूबे की योगी सरकार की आलोचना हो रही है। पूर्व IAS सूर्य प्रताप सिंह ने ट्वीट कर लिखा, “सरकार को आइना दिखाया, गरीब की मदद की, राजकीय महाजन का टैक्स भरा, सरकार मालामाल हुई। आपको साधूवाद”। वहीं प्रशासन ने इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए सफाई दी है।
इस क्रम में जिला प्रशासन पुलिस व नगरपालिका द्वारा समेकित रूप से अभियान चलाकर ऐसे व्यापारियों पर उचित जुर्माना लगाया गया वर्तमान मे गतिविधियां सामान्य है कोरोना के दृष्टिगत आवश्यक सतर्कता का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाना है इस कार्यवाही का उद्देश्य है
— District Magistrate Ballia (@dmballia) August 17, 2020
ज़िलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने ट्वीट कर लिखा, “इस क्रम में जिला प्रशासन पुलिस व नगरपालिका द्वारा समेकित रूप से अभियान चलाकर ऐसे व्यापारियों पर उचित जुर्माना लगाया गया वर्तमान मे गतिविधियां सामान्य है कोरोना के दृष्टिगत आवश्यक सतर्कता का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाना है इस कार्यवाही का उद्देश्य है”।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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