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बलिया में उद्योग की आस, लिंक एक्सप्रेस-वे से सटे बीस गांव हुए चिन्हित

बलिया से गाज़ीपुर तक बनने वाले लिंक एक्सप्रेस-वे और ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे से सटे लगभग बीस गांवों में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हो सकती है। जिले के बीस गांवों की सूची तैयार की गई है। एक्सप्रेस-वे बना रही संस्था यूपीडा की ओर से इन बीस गांवों का निरीक्षण किया जा रहा है। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद इन गांवों में उद्योग लगाने की दिशा में पहल की जाएगी।

गाज़ीपुर तक बने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से बलिया जनपद को जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है। लिंक एक्सप्रेस-वे 24 किलोमीटर लंबी होगी। इसमें दस किलोमीटर हिस्सा बलिया में और चौदह किलोमीटर हिस्सा गाज़ीपुर में होगा। यूपीडा ने जनपद के ऐसे बीस गांवों की सूची तैयार कर बलिया जिला प्रशासन को भेजी है जो लिंक एक्सप्रेस-वे और ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के आसपास हैं।

मंगलवार यानी आज यूपीडा की अधिकारी अरुणिमा बलिया जनपद का दौरा करेंगी। अरुणिमा लिंक एक्सप्रेस-वे और ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के आसपास के बीस गांवों का निरीक्षण करेंगी। इस दौरान गांवों में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए संभावनाएं तलाशी जाएंगी। यूपीडा ने जिले के कथरिया, तेतारपुर, पिपरा कला, करंजा, दरियापुर, इटही, पिपरा खुर्द, श्रवणपुर, कोठिया, सुरही, सेंदुरिया, राय किशनपट्टी, नरसिंहपच्ची दोयम, सोहांव, बघौना, बसंतपुर, शिवपुर खास,फतेहपुर और शीतलपट्टी गांव को चिन्हित किया है।

लिंक एक्सप्रेस-वे और ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के आसपास के गांवों में उद्योग लगाने के लिए हो रहे इस निरीक्षण से जिले के युवाओं में उम्मीद जगी है। औद्योगिक रूप से बलिया के कंगालपन से हर कोई वाकिफ है। जिले के नौजवान नौकरी की तलाश में दूसरे शहरों और राज्यों में भटकने को मजबूर हैं। जिले में उद्योग लगाने की मांग कई सालों से उठ रही हैं। उत्तर प्रदेश में अलग-अलग पार्टियों की सरकार रही है लेकिन बलिया में उद्योग लगाने के मुद्दे पर हर सरकार फिसड्डी साबित हुई है।

बता दें कि लिंक एक्सप्रेस-वे के ब्लू प्रिंट में गड़बड़ी की वजह से इसे बदला जा रहा है। लिंक एक्सप्रेस-वे बलिया के लगभग सोलह गांवों से होकर गुजरेगा। इनमें तकरीबन दस गांवों से होकर गुजरते हुए लिंक एक्सप्रेस-वे की गलत ब्लू प्रिंट शासन को भेजी गई थी। लिंक एक्सप्रेस-वे का ब्लू प्रिंट एनएच-31 के रूट पर बना दिया गया था। शासन के निर्देश पर इसे अब बदला जा रहा है।

Akash Kumar

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