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अटलजी के निधन पर पीएम मोदी ने कहा- मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं

देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का आज 93 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद दिल्ली के एम्स में निधन हो गया. अटल जी के निधन पर पूरा देश शोक में डूबा हुआ है. अटल जी के निधन पर आम लोगों सहित पीएम मोदी ने भी दुख जताया है. पीएम मोदी ने कहा है कि मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है.

 

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा है, ”अटल जी आज हमारे बीच में नहीं रहे, लेकिन उनकी प्रेरणा, उनका मार्गदर्शन, हर भारतीय को, हर भाजपा कार्यकर्ता को हमेशा मिलता रहेगा. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके हर स्नेही को ये दुःख सहन करने की शक्ति दे. ओम शांति!”

पीएम मोदी ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं जिसमें उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर दुख जताया है. पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में कहा है, ”मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है. हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे. अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था. उनका जाना, एक युग का अंत है.”

एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा, ”लेकिन वो हमें कहकर गए हैं- “मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं, ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं, मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूं?”

पीएम मोदी के अलावा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी पूर्व पीएम अटलजी के निधन पर शोक जताया है. राष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया है जिसमें लिखा है, ”पूर्व प्रधानमंत्री व भारतीय राजनीति की महान विभूति श्री अटल बिहारी वाजपेयी के देहावसान से मुझे बहुत दुख हुआ है. विलक्षण नेतृत्व, दूरदर्शिता तथा अद्भुत भाषण उन्हें एक विशाल व्यक्तित्व प्रदान करते थे. उनका विराट व स्नेहिल व्यक्तित्व हमारी स्मृतियों में बसा रहेगा.”

दो महीने से थे भर्ती
अटलजी करीब दो महीने से एम्स में भर्ती थे. बुधवार को उनकी हालत और बिगड़ गई थी और उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था. इसके बाद से ही पीएम, मंत्रियों, नेताओं का उनसे मिलने का सिलसिला जारी हो गया था. उन्हें गुर्दे में संक्रमण, मूत्र नली में संक्रमण, पेशाब की मात्रा कम होने और सीने में जकड़न की शिकायत के बाद 11 जून को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली (एम्स) में भर्ती कराया गया था.

मधुमेह से ग्रस्त वाजपेयी जी की एक ही किडनी काम कर रही थी. वर्ष 2009 में उन्हें अटैक भी आया था, जिसके बाद उन्हें लोगों को पहचानने सहित कई तरह की समस्याएं होने लगीं. बाद में उन्हें डिमेशिया की दिक्कत हो गई थी. बुधवार को उनकी हालत बिगड़ गई. इसके बाद उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था. निमोनिया के कारण उनके दोनों फेफड़े सही से काम नहीं कर रहे हैं और किडनी भी कमजोर हो गई थी. 9 हफ्ते से वह एम्स में भर्ती थे.

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