पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया. वह दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में दो महीने से ज्यादा समय से भर्ती थे. बुधवार शाम को अचानक उनकी तबीयत नाजुक हो गई थी. बृहस्पतिवार शाम करीब 5.30 बजे एम्स की ओर से जारी एक रिलीज में वाजपेयी के निधन की बात कही गई. रिलीज के मुताबिक वाजपेयी का निधन करीब 5.20 में अंतिम सांस ली.
एम्स ने पहले बुधवार की रात और उसके बाद गुरुवार की सुबह बयान जारी कर कहा था कि उनकी हालत अब भी नाजुक है. बुधवार जैसी ही उनकी हालत गंभीर बनी हुई. उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है. इसके बाद से कई दूसरे नेता भी वाजपेयी का हालचाल लेने एम्स पहुंच रहे थे.
अटल बिहारी वाजपेयी को 11 जून को किडनी, छाती और यूरिन में इन्फेक्शन होने की शिकायत पर एम्स में भर्ती करवाया गया था. 93 साल के हो चुके वाजपेयी को 2009 में भी एक स्ट्रोक पड़ चुका है. बता दें कि ये चौथी बार है कि पीएम मोदी वाजपेयी से मिलने एम्स पहुंचे हैं.
एम्स के डॉयरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया वाजपेयी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थे. उनके नेतृत्व में टीम उनकी हर स्थिति की लगातार जांच कर रही थी. डॉ. गुलेरिया पिछले 30 साल से वाजपेयी का इलाज कर रहे थे. बता दें कि साल 2004 के बाद वाजपेयी की हालत लगातार बिगड़ती गई. इस दौरान उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक जीवन से भी दूरी बना ली थी. वह घर पर ही रहने लगे. बाद के दिनों में वह सिर्फ कुछ लोग से ही मिलने लगे.
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