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बलिया स्पेशल

बलिया की विरासत को संरक्षित करने में जुटा पुरातत्व विभाग

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बलिया की पुरानी विरासत को बचाने के लिये पुरातत्व विभाग की टीम जुट गयी है। शनिवार को पहुंची चार सदस्यीय टीम ने जनपद के दो ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन किया। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट तैयार कर केन्द्र सरकार को भेजी जा रही है जिसके बाद इसे संरक्षित करने की कवायद शुरु होगी।

देश गुलामी के दौरान बलिया गाजीपुर जनपद का एक हिस्सा हुआ करता था। अलग होने से पहले इसे एक तहसील का दर्जा हासिल था। अंग्रेज अफसरों ने नरहीं थाना क्षेत्र के कोरंटाडीह में ट्रेजरी का निर्माण कराया था जहां पर कड़ी सुरक्षा में पैसा रखा जाता था। हालांकि बंटवारा होने के बाद जिला मुख्यालय पर ट्रेजरी का निर्माण हुआ तब से अब तक उसी में काम-काज हो रहा है। सैकड़ों साल बीत जाने के बाद भी कोरंटाडीह में निर्मित खजाना का भवन का कुछ हिस्सा छोड़कर शेष पूरी तरह से सुरक्षित है। रख-रखाव के अभाव में कुछ ईंटे खिसकी जरुर हैं, लेकिन वर्तमान समय में बनने वाली भवनों से वह काफी मजबूत है। इतिहास को अपने समेटे इस भवन को संरक्षित करने के उद्देश्य से शनिवार को पुरातत्व विभाग की चार सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने पूरी जमीन की नापी करायी तथा बिल्डिंग की जांच-पड़ताल की। विरासत संरक्षण के अध्यक्ष एसके मिश्र ने बताया कि इंडियन ट्रस्ट फार रूलर हेरिटेज एंड डेवलपमेंट ने कोरंटाडीह में मौजूद अंग्रेजों के ट्रेजरी को विरासत के रुप में चयन किया है। बताया कि बिल्डिंग की जांच करने के साथ ही जमीन की पैमाईश करायी गयी है। इस दौरान टीम के सदस्य देव सिंह, चंदन, गोपीकांत के साथ ही तहसीलदार सदर, कानूनगो व चौकी प्रभारी अजीत सिंह आदि थे।

खजाने में चलता है पुलिस मेस

भरौली। विरासत में शामिल हो चुकी सैकड़ों साल पुरानी ट्रेजरी में वर्तमान समय में पुलिस का मेस चलता है। लोगों का कहना है कि इसके चलते भवन अब तक सुरक्षित है, बरना यह कब का नष्ट हो चुका होता। भरौली-गाजीपुर मार्ग पर स्थित कोरंटाडीह पुलिस चौकी के ठीक सामने सड़क से दक्षिण अंग्रेजों द्वारा बनायी गयी ट्रेजरी है। खाली पड़े होने के चलते इस सरकारी भवन को पुलिस ने अपना ठिकाना बना लिया। कुछ साल तक तो पुलिस के जवान उसी में रहते भी थे। हालांकि पुलिस चौकी पर रहने की व्यवस्था हो जाने के बाद ट्रेजरी को मेस बना दिया गया। सुबह-शाम खजाने की भवन में ही जवानों के लिये भोजन तैयार होता है। गंगा के मुहाने पर खड़े इस भवन के विरासत में शामिल किये जाने से लोग खुश है।

टीम ने सुरहा ताल का भी लिया जायजा

पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को शहर से सटे बंसतपुर इलाके में स्थित सुरहा ताल का भी अवलोकन किया। ऐसा माना जा रहा है कि केन्द्र सरकार की ओर से इस प्राकृतिक झील को संरक्षित किये जाने का प्रयास शुरु किया गया है। करीब डेढ़ सौ बीघा में स्थित सुरहा ताल को संरक्षित कर उसका विकास करने की मांग लम्बे समय से हो रही है। जिला प्रशासन की ओर से कुछ माह पहले इसकी रिपोर्ट केन्द्र सरकार को भेजी गयी थी। शनिवार को पहुंची पुरातत्व विभाग की टीम ने ऐतिहासिक ताल का निरीक्षण किया।

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बलिया स्पेशल

बलिया विधानसभा सर्वे 2027

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बलिया BJP की इनसाइड स्टोरी! संगठन में पद की लड़ाई अश्लील वीडियो तक आई?

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बलिया। बांसडीह में भाजपा से जुड़ी महिला कार्यकर्ता के निजी वीडियो के कथित प्रसार को लेकर दर्ज मुकदमे ने अब संगठन के भीतर चल रही कथित खींचतान की चर्चाओं को भी हवा दे दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या संगठन में पद और प्रभाव की लड़ाई का विवाद इतना बढ़ गया कि मामला निजी वीडियो तक जा पहुंचा? सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण के पीछे संगठन में पद पाने की कथित होड़ और आपसी राजनीतिक खींचतान का एंगल भी सामने आ रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच में ही वास्तविक तस्वीर साफ होगी।

क्या है पूरा मामला?: बांसडीह थाना क्षेत्र में भाजपा से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसका निजी वीडियो उसकी अनुमति के बिना प्रसारित किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।

मामले में नामजद आरोपियों में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम होने की बात सामने आई है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि वीडियो कॉल के दौरान उसका निजी वीडियो बनाए जाने और बाद में उसके प्रसारित होने की जानकारी उसे बातचीत के दौरान मिली। शिकायतकर्ता ने पुलिस को संबंधित बातचीत के ऑडियो-वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने की बात भी कही है।

पद की कथित लड़ाई से जुड़ा दूसरा एंगल : सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले की एक दूसरी तस्वीर भी सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि संगठन में पद और जिम्मेदारी को लेकर कुछ लोगों के बीच कथित तौर पर अंदरूनी खींचतान चल रही थी। इसी खींचतान के बीच विवाद ने ऐसा रूप लिया कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर एक-दूसरे को निशाने पर लेने और फंसाने के लिए मामले का फायदा उठाया।

सूत्रों का यह भी कहना है कि संगठनात्मक पद को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा के बीच व्यक्तिगत विवाद भी जुड़ता चला गया और आखिरकार मामला पुलिस तक पहुंच गया। हालांकि, यह दावा फिलहाल सूत्रों के हवाले से है। पुलिस जांच में इसकी पुष्टि होना बाकी है कि कथित संगठनात्मक खींचतान का इस मामले से वास्तव में कोई सीधा संबंध है या नहीं।

जिले से लेकर लखनऊ तक मामला पहुंचाने की होड़?: इस पूरे प्रकरण को लेकर सूत्र एक और महत्वपूर्ण दावा कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिले से जुड़े भाजपा के कुछ प्रभावशाली नेता कथित तौर पर मामले को दबाने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ नेता इस प्रकरण को लखनऊ तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

यानी एक तरफ मामले को स्थानीय स्तर पर संभालने और शांत कराने की कोशिश की चर्चा है, तो दूसरी तरफ इसे पार्टी के उच्च स्तर तक ले जाने की कवायद की बात सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि इसके पीछे भी संगठन में पद और प्रभाव को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान एक वजह हो सकती है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज: मामले में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस की जांच, डिजिटल साक्ष्य और शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए कथित वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

फिलहाल बांसडीह पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह मामला केवल निजी वीडियो के कथित प्रसार का है या इसके पीछे संगठनात्मक पद की कथित लड़ाई, आपसी विवाद और राजनीतिक खींचतान की भी कोई भूमिका रही है।

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उत्तर प्रदेश

बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में

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मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।

प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।

टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।

टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।

इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।

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