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किसानों की शिकायत पर एआर कोऑपरेटिव और डिप्टी आरएमओ पर आई आफ़त, शासन को जाएगा पत्र!
बलिया डेस्क : जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने जनपद के प्रगतिशील किसानों के साथ शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। इसमें किसानों ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी और एआर कोऑपरेटिव द्वारा किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। साथ ही किसानों की महत्वपूर्ण बैठकों में इन अधिकारियों के नहीं आने की शिकायत की।
इस पर जिलाधिकारी ने दोनों अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकते हुए शासन स्तर से कार्रवाई के लिए पत्र लिखने की बात कही। जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि कार्य में सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। जब सरकार बीज, खाद व अन्य जरूरी सुविधा समय से दे रही है तो उसे किसानों तक पहुंचाएं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अक्षम्य होगी। किसानों को कोई दिक्कत हुई तो सम्बन्धित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई होगी।
बैठक में किसान संघ के अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि गोदाम में खाद होने के बावजूद एआर कोऑपरेटिव की लापरवाही से किसानों को समय से नहीं मिल पा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने एआर कोऑपरेटिव को फोन लगाया और कड़ी फटकार लगाई। किसानों ने कहा कि जिला विपणन अधिकारी भी कभी किसानों की किसी बैठक में नहीं आते है। खरीद में दिक्कत होने पर लाख प्रयास के बाद भी उनसे संपर्क नहीं हो पाता है।
नहर का पानी रोके जाने पर डीएम ने कहा, सिंचाई जरूरी जल्द छोड़ें पानी
किसानों ने वर्तमान में सिंचाई की अत्यंत आवश्यकता को देखते हुए रतसर-सुखपुरा नहर में पानी खुलवाने की मांग की। ठेकेदार द्वारा नहर में 80 मीटर के पक्के निर्माण कार्य के लिए पानी रोका गया है। इस पर डीएम ने कहा कि खेती किसानी में समय महत्वपूर्ण है। वर्तमान में सिंचाई जरूरी है, इसलिए कार्य रोककर तत्काल पानी छोड़ा जाए। शासन स्तर की एक समस्या बताते हुए किसानों ने कहा कि हाईब्रिड की पूरी खरीद नहीं हो पाती है, जबकि मक्का के उत्पादन के हिसाब से विक्री नहीं कर पा रहे हैं।
उत्पादन के सापेक्ष खरीददारी हो, ताकि हमारी आय बढ़ सके। साथ ही मक्का प्रोसेसिंग प्लांट या मक्का खरीद के लिए एक केंद्र खुलवाया जाए। इस पर डीएम श्री शाही ने खाद विपणन विभाग को इस सम्बंध में पत्र तैयार कर शासन को भिजवाने की जिम्मेदारी दी। बैठक में डीडीएजी इन्द्राज, कृषि अधिकारी विकेश पटेल, नाबार्ड के अधिकारी व किसान गण मौजूद थे।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा की
जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा की। उन्होंने तहसीलवार व ब्लॉकवार लंबित आवेदनों के बारे में जानकारी ली। सभी एसडीएम व बीडीओ को निर्देश दिए कि जितना जल्द हो सकें, लम्बित आवेदनों का निस्तारण कराएं। सबसे ज्यादा मुरली छपरा में लंबित आवेदन मिलने पर सम्बंधित बीडीओ से कारण पूछा। बैठक में सभी एसडीएम, बीडीओ, प्रोबेशन अधिकारी समर बहादुर सरोज, जेपी यादव, हरिकेश आदि थे।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





