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आखिर अमित शाह ने क्यूँ मांगी मुस्लिम महिलाओ से मा’फ़ी, कहा – दुर्भा’ग्य से इस देश में मुस्लिम …
आजकल देश में कई बड़े मुद्दों के साथ तीन तलाक का मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों की माने तो गृहमंत्री ने तीन तलाक को लेकर महिलाओं से माफी मांगी है । दोस्तों काफी लंबे समय से चल रहे तीन तलाक के मुद्दे को समय-समय पर काफी अच्छी तरह से राजनीति में इस्तेमाल किया गया है यहां तक कि इस मुद्दे को चुनाव में भी अच्छी तरह से उठाया गया और इसका फायदा भी काफी हद तक मिला ।

लोगों का कहना है कि तीन तलाक को लेकर जो कानून बने हैं अब उसकी मदद से मुस्लिम महिलाओं को परेशान नहीं किया जाएगा और ना ही कोई छोटी मोटी बात पर महिलाओं को तीन तलाक दे सकेगा ।तीन तलाक को लेकर बने नियमों के कारण आने वाले समय में मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी में काफी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
कई मुस्लिम महिलाओं ने यह बयान दिया कि उनके पति ने उन्हें किसी छोटी सी बात पर भड़क कर तलाक दे दिया और ऐसा ही दुर्व्यवहार मुस्लिम महिलाएं सदियों से बर्दाश्त करती आ रही हैं। लेकिन अब तीन तलाक को लेकर नए नियमों ने मुस्लिम महिलाओं को एक बड़ा आश्वासन देने का काम किया है । दोस्तों तीन तलाक पर आयोजित हुए एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर गृहमंत्री अमित शाह को बुलाया गया था लेकिन जब उनसे भाषण देने को कहा गया तो उन्होंने मुस्लिम महिलाओं से माफी मांगी ।

अमित शाह का कहना था कि कई देशों में तीन तलाक को लेकर कानून 50 साल पहले ही बन चुके थे लेकिन हमारे देश में तीन तलाक को लेकर कोई नियम एवं कानून नहीं था जिसके कारण हमारी मुस्लिम बहनों को बहुत कुछ सहना पड़ रहा था मैं उन सभी मुस्लिम बहनों से माफी मांगना चाहूंगा जिनके साथ आज तक तीन तलाक के नाम पर गलत होता चला आ रहा था।
अमित शाह ने तीन तलाक के नाम पर कांग्रेस एवं ओवैसी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा की इससे पहले कि कांग्रेस सरकार एवं ओवैसी अगर चाहते तो इस बात पर भी बड़ा निर्णय ले सकते थे और तीन तलाक पर कोई कानून बनवा सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया । बल्कि मोदी सरकार में जो कानून बने हैं उन्होंने उसे भी दो बार रोकने की कोशिश की।
अमित शाह ने अपने भाषण में आगे कहा कि ओवैसी जैसे लोग तीन तलाक जैसे कानून जो कि महिलाओं के लिए हमेशा से तकलीफ की वजह बना है उसका बचाव किया है।कभी भी मुस्लिम बहनों के बारे में नहीं सोचा। ऐसे लोगों के कारण मुस्लिम बहनों को बहुत कुछ झेलना पड़ा ।केवल मुस्लिम औरतों को ही नहीं बल्कि उनके बच्चों को भी इस कुप्रथा का सामना करना पड़ा। नरेंद्र मोदी सत्ता में केवल राजनीति के लिए ही नहीं आए बल्कि समाज सुधारक के रूप में भी सामने आए उन्होंने एक अच्छे समाज सुधारक की तरह सभी धर्म एवं सभी समाज के बारे में सोचा और सब की मदद की ।

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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





