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आप के नाखून पर यह निशान तो नहीं है ? अगर है तो खतरनाक बीमारी की …
नाखून पर सफ़ेद निशान को लेकर कई सारी बाते सुनने को मिलती है दोस्तों जिस्म में छोटे से छोटे और बड़े से बड़े नज़र आने वाले तम्माम आज़ा आफीदियत के लेहाज़ से अपनी मिसाल आप है लेहाज़ा जिस्म के किसी हिस्से में अचानक होने वाली तबदीली नज़र अंदाज़ नहीं करना चाहिए . एक ख़ास किसिम के प्रोटीन से बने हुए नाखून हमारे हाथ और पाव के उंगलियो के आखिरी मुहाफिजों का काम करते है , नाखूनों पर पड़ने वाले यह सफ़ेद निसान दो किस्म के होते है .

पहला- वह जो नाखून के बिच में या साइड के पास सफ़ेद निशान जो नुक्ते और धब्बो के रूप में होते है और दूसरा – नाखून के निचे चाँद की तरह या नसफ़ कुतरे के तरह सफ़ेद निशान होते है . पहले बात करते है नुक्ते और धब्बे वाले सफ़ेद निशान की अगर ये निशानात एक या दो उंगलियो के हिस्से में मौजूद है तप परेशानी की कोई बात नहीं यह कुदरती या नाखूनों पर लगने वाले चोट के हो सकते है.

अगर निशानात तमाम या बेशतर नाखूनों पर बेदार हुए है तो इनकी यह वजह हो सकती है अक्सर यह निशानात किसी नेपालिश के लगाने पर भी हो जाते है या फिर नेपालिश साफ करने वाले थीनर से भी यह दाग नाखूनों पर आ जाते है जिंक इंसानी जिस्म में मौजूद होता है अगर इनकी कमी इंसानी जिस्ममें होनी शुरू हो जाए तो यह सफ़ेद दाग आने शुरू हो जाते है .

अगर खाने में लोभिया, दही , बीफ, पालक और ड्राई फ़्रुइट का सेवन करने लगे तो जिंक की कमी पूरी हो जाती है नाखौनो पर सफ़ेद निशानात का होना प्रोटीन कम होने की अलामत होती है प्रोटीन की कमी दूर करने के लिए बीफ, मछली ,दूध ,दही आदि का इस्तेमाल ज़ायदा करना चाहिए. और इन निशाँनियात की वजह एक कैल्शियम भी है ज़ायदा तर निशानात नाखूनों पर यह कैल्शियम की वजह से होते है …आगे देखिये वीडियो
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





