Connect with us

बलिया स्पेशल

बलिया के इस गांव में घुसा छह फीट लम्बा मगरमच्छ, मचा हड़कंप

Published

on

बैरिया डेस्क :  बैरिया तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी में आई बाढ़ के पानी का खतरा झेल रहे तटवर्ती गांव के लोगों के लिए अब मगरमच्छ भी खतरा बन गए है। देर रात बैरिया तहसील क्षेत्र के गंगापुर गांव में 6 फिट लंबे मगरमच्छ के घुस आने से गांव में हड़कंप मच गया।ग्रामीणों द्वारा पुलिस और वन विभाग को सूचना देने के बाद भी नहीं पहुँची पुलिस व वन विभाग की टीम।

ग्रामीणों के 112 नंबर पर फोन की सूचना पर पहुंची पुलिस भी मगरमच्छ को देखकर खिसक गई।परेशान ग्रामीणों खतरे को देख शोर मचाना शुरू कर दिया।गांव के ही 6 दोस्तों ने जान खतरे मे डाल उसे पकड़ कर रस्सी से पेड़ मे बाँध दिया।मगरमच्छ को देखने के लिए जुटी भीड़ के बीच युवावों में सेल्फी लेने की होड़ मच गई।

लोगों की जुटी भीड़ के बीच रस्सियों से लपेटे और रस्सियों के सहारे पेड़ से बंधा 6 फ़ीट लंबे मगरमच्छ की तस्वीरें बलिया के बैरिया तहसील के गंगापुर गांव की है जहाँ शनीवार की रात 2 बजे अपने मक्के और गोभी के खेत की रखवाली करने के लिए मचान पर सोए व्यक्ति ने पहली बार मगरमच्छ को देखा और गांव में मगरमच्छ के घुसने का शोर सुनकर गांव के लोगों ने थानाध्यक्ष को फ़ोन कर मगरमच्छ के घुसने की सूचना दिए तो थानाध्यक्ष ने वन विभाग की टीम को भेजने की बात कहे मगर जब एक घंटे इंतजार के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुँची।

हम लोगों ने खुद जान जोखिम मे डाल मगरमच्छ को पकड़ा। दो दिन पहले भी हनुमानगंज में मगरमच्छ के घुसने की सूचना के बावजूद वन विभाग उसे पकड़ने में असफल रही और आज भी वन विभाग की टीम यहाँ पर आने में असफल रही। उस गांव के उत्तर तरफ में 1 किलोमीटर के दायरे में नदी बहती है और जिसका पानी काफी बढ़ा है। जिसमे से मगरमच्छ मुहल्ले तक आ रहे है।

ग्राम सभा गंगापुर के ग्राम प्रधान दीनदयाल प्रसाद की माने तो 6 फीट का यह मगरमच्छ बगल के सरयू नदी से निकल कर गांव में घुस आया। जिसे गांव के लोगों ने पकड़ा है। मगर प्रशासन को खबर देने के बाद भी कोई यहाँ नही आया।

बैरिया के उप जिला मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार पाल के मुताबिक  ग्रामीणों द्वारा मगरमच्छ पकड़ने की सूचना पर सुबह 7 बजे पहुँचे एसडीएम सुरेश पाल की माने तो वन विभाग की टीम पहुँच गयी है। मगरमच्छ को वन विभाग को सुपुर्द कर दिया गया है। गांव के युवकों ने सराहनीय कार्य किया है। वन विभाग द्वारा लापवाही बरतने को लेकर इनके खिलाफ डीएम को रिपोर्ट भेज रहा हूँ। क्योकि मेरा फ़ोन भी ये लोग ठीक से नही उठाते है।

वन विभाग की टीम में वन दरोगा राम जी पाण्डेय,वन रक्षक पवन कुमार तिवारी  अक्षय कुमार ने मौके पर पहुंच कर युुुुवाओ द्वारा पकडे गए मगरमच्छ को पीकअप में लाादकर मांझी घाट पहुंचे जहां पकडे हुए मगरमच्छ को सरयु नदी में सुरक्षित छोड़ दिया।

बैरिया।नगर पंचायत बैरिया के अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवकुमार वर्मा उर्फ मंटन ने गंगापुर पंचायत पहुंचकर मगरमच्छ पकडने वाले 6 दोस्तों की बहादुरी पर शाबासी देते हुए 12 हजार रुपये का पुरस्कार दिया।वहीं गंगापुर मौजा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दीनदयाल प्रसाद ने मगरमच्छ पकडने वाले बहादुर दोस्तों को 5 हजार रुपये का पुरस्कार दिया।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बलिया स्पेशल

बलिया विधानसभा सर्वे 2027

Published

on

2027 का विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहा है और बलिया नगर सीट पर सियासी हलचल तेज़ है। विधायक दयाशंकर सिंह के कामकाज को आप कैसे आंकते हैं? क्या उन्हें फिर से मौका मिलना चाहिए, और 2027 में आप किस पार्टी और किस चेहरे को विधायक के रूप में देखना चाहते हैं? बलिया ख़बर के इस सर्वे में अपनी राय दर्ज करें।

Continue Reading

featured

बलिया BJP की इनसाइड स्टोरी! संगठन में पद की लड़ाई अश्लील वीडियो तक आई?

Published

on

बलिया। बांसडीह में भाजपा से जुड़ी महिला कार्यकर्ता के निजी वीडियो के कथित प्रसार को लेकर दर्ज मुकदमे ने अब संगठन के भीतर चल रही कथित खींचतान की चर्चाओं को भी हवा दे दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या संगठन में पद और प्रभाव की लड़ाई का विवाद इतना बढ़ गया कि मामला निजी वीडियो तक जा पहुंचा? सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण के पीछे संगठन में पद पाने की कथित होड़ और आपसी राजनीतिक खींचतान का एंगल भी सामने आ रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच में ही वास्तविक तस्वीर साफ होगी।

क्या है पूरा मामला?: बांसडीह थाना क्षेत्र में भाजपा से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसका निजी वीडियो उसकी अनुमति के बिना प्रसारित किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।

मामले में नामजद आरोपियों में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम होने की बात सामने आई है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि वीडियो कॉल के दौरान उसका निजी वीडियो बनाए जाने और बाद में उसके प्रसारित होने की जानकारी उसे बातचीत के दौरान मिली। शिकायतकर्ता ने पुलिस को संबंधित बातचीत के ऑडियो-वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने की बात भी कही है।

पद की कथित लड़ाई से जुड़ा दूसरा एंगल : सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले की एक दूसरी तस्वीर भी सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि संगठन में पद और जिम्मेदारी को लेकर कुछ लोगों के बीच कथित तौर पर अंदरूनी खींचतान चल रही थी। इसी खींचतान के बीच विवाद ने ऐसा रूप लिया कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर एक-दूसरे को निशाने पर लेने और फंसाने के लिए मामले का फायदा उठाया।

सूत्रों का यह भी कहना है कि संगठनात्मक पद को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा के बीच व्यक्तिगत विवाद भी जुड़ता चला गया और आखिरकार मामला पुलिस तक पहुंच गया। हालांकि, यह दावा फिलहाल सूत्रों के हवाले से है। पुलिस जांच में इसकी पुष्टि होना बाकी है कि कथित संगठनात्मक खींचतान का इस मामले से वास्तव में कोई सीधा संबंध है या नहीं।

जिले से लेकर लखनऊ तक मामला पहुंचाने की होड़?: इस पूरे प्रकरण को लेकर सूत्र एक और महत्वपूर्ण दावा कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिले से जुड़े भाजपा के कुछ प्रभावशाली नेता कथित तौर पर मामले को दबाने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ नेता इस प्रकरण को लखनऊ तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

यानी एक तरफ मामले को स्थानीय स्तर पर संभालने और शांत कराने की कोशिश की चर्चा है, तो दूसरी तरफ इसे पार्टी के उच्च स्तर तक ले जाने की कवायद की बात सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि इसके पीछे भी संगठन में पद और प्रभाव को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान एक वजह हो सकती है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज: मामले में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस की जांच, डिजिटल साक्ष्य और शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए कथित वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

फिलहाल बांसडीह पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह मामला केवल निजी वीडियो के कथित प्रसार का है या इसके पीछे संगठनात्मक पद की कथित लड़ाई, आपसी विवाद और राजनीतिक खींचतान की भी कोई भूमिका रही है।

Continue Reading

उत्तर प्रदेश

बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में

Published

on

मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।

प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।

टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।

टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।

इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!