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हज़रत मुहम्मद सल्लाo का हुक़्म – इन 4 जानवरों को मत नुक्सान पहुचाओ, हर इंसान को इन…
दोस्तों अस्सलुमुलकुम वरहमतुल्लाहि व बरकातहू दोस्तों आज हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि नबी करीम सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम ने हमें 4 जानवरों को नुक्सान पहुचाने से मना किया दोस्तों . आका करीम सल्लल्लाहो वाले वसल्लम ने हमें इन जानवरों को नुक्सान पहुचाने से मना किया है. आइए आपको बताते हैं वह कौन से जानवर हैं दोस्तों . आइये आपको एक हदीस बताते है अबू दाऊद हदीस नंबर 5267 नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इन चार जानवरों को नुक्सान पहुचाने से मना फ़रमाया.

उनमें से सबसे पहला जानवर है चींटी . दोस्तों जब हम चलते हैं हम इस बात का ख्याल नहीं रखते हैं कि हमारे पैरो के नीचें क्या आ रहा है इस लापरवाही की वजह से अक्सर हमारे पैरो से चीटियाँ मर जाती हैं . इसके साथ ही जैसे कभी चीनी में चींटी आ जाती है तो लोग उसे मार देते हैं ऐसा बिल्कुल नही करना चाहिए। दोस्तों इसी तरह से दूसरे नंबर पर शहद की मक्खी आती है दोस्तों आजकल रेडिएशन बहुत ज्यादा होता है जिसकी वजह से मधुमक्खियां मर जाती हैं हम इस चीज को रोक तो नहीं सकते हैं लेकिन इस चीज का ख्याल रखें कि मधुमक्खी को नहीं मारना चाहिए.

हमारे हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो वाले वसल्लम ने मधुमक्खियों को नुक्सान पहुचाने से मना किया है नंबर तीन पर हुद हुद परिंदा आता है दोस्तों लोग इसे हुदहुद के नाम से बहुत कम जानते हैं अगर इसका नाम बिल्कुल देसी लैंग्वेज में ढूंढा जाए तो इसे कुट कुट बड़हल कहते हैं वैसे तो यह ज़्यादा जगहों पर नहीं मिलती है लेकिन अभी भी यह परिंदा है। तो आप लोगों से गुजारिश है कि आप इस परिंदे को नुक्सान ना पहुचाये क्योंकि हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो वाले वसल्लम ने इस परिंदे को मारने से मना फ़रमाया है।

नंबर 4 पर अबाबील परिंदा है अबाबील परिंदा शायद ही आज दुनिया में कहीं पाया जाता हो लेकिन इस परिंदे को भी अगर कोई देखे तो ना मारे क्योंकि हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो वाले वसल्लम ने इस परिंदे को भी नुक्सान पहुचाने से मना किया है दोस्तों तो इन 4 जानवरों को हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम ने नुक्सान पहुचाने से मना किया लेकिन दोस्तों आपको बता दे कि अगर कोई जानवर से जानवर से आपकी जान को नुक्सान पहुचने का अंदेशा हो तो आप अपनी सुरक्षा करने के लिए उसको नुक्सान पहुचा सकते है . जब तक वह आप को नुकसान ना पहुंचाएं आप को भी उसे नुक्सान नहीं पहोचाना चाहिए क्यूंकि हर जानदार पर रहें करने के बदले अल्लाह आपको अजर देता है . देखिये विडियो.
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





