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रसूल सल्लाo ने फ़रमाया कि बेहतरीन और बदतरीन लोगो में ये होता है फर्क…
दोस्तों अस्सलाम वालेकुम रहमतुल्लाहि व बरकातहू दोस्तों आज हम आपको एक ऐसी बात बताने जा रहे हैं जो रसूल अल्लाह सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम ने इरशाद फरमाया हमारे नबी की एक-एक बात लाख लाख टके की होती है हर एक बात को सच मानना ही हमारा ईमान अगर हम हमारे नबी की एक भी बात से इंकार करें तो हम ईमान वाले नहीं रह जाएंगे क्योंकि हमारे नबी वह शख्स थे जिन्हें कुफ्फार के लोगों ने सादिक और अमीन का लक़ब दिया था यानी कि सच्चा और अमन वाला यह लक़ब मुसलमानों ने नहीं बल्कि कुफ्फार ए मक्का ने दिया था और हमारे नबी ने हमें जिंदगी जीने का तरीका सिखाया है और एक एक चीज बताया कैसे जिंदगी को जीना चाहिए यह हमारे नबी ने अपनी जिंदगी में करके दिखा भी दिया और बता भी दिया.

आखिरी वक्त में जब रसूलल्लाह सल्लल्लाहो वाले वसल्लम ने सबको इकट्ठा किया और लोगों से पूछा कि क्या मैंने दीं का हक अदा कर दिया तो साहब रज़ियल्लाहु अन्हु ने जवाब दिया कि जी हां आपने दिन का पूरा पूरा हक अदा कर दिया दोस्तों आइए आपको आज एक बात बताते हैं जो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो वाले वसल्लम ने इरशाद फरमाया दोस्तों रसूल अल्लाह सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम ने इरशाद फरमाया कि इस उम्मत में अल्लाह के सबसे बेहतरीन बंदे वह है.

जिनको देखकर अल्लाह रब्बुल इज्जत की याद आ जाए और इस उम्मत के बत्तरीन लोग हो हैं जो चुगल खोर हैं और जो लोग दोस्त या मोहब्बत करने वाले लोगों के बीच जुड़े पैदा करवाते है और जो लोग बेकसूर और पाक दामन लोगों पर झूठा इल्जाम लगाते हैं दोस्तों इस्लाम ने हमें एक एक चीज की तालीम दी है इसके साथ ही लोगों से किस तरह से पेश आना है यह भी बताया है किसी का हक मार ना किसी पर बेबुनियाद इल्जाम लगाना यह सब गुनाह का काम खुद अल्लाह के रसूल ने फरमाया कि मेरी उम्मत के सबसे बुरे लोग वह हैं.

जो इस काम को करते हैं इसके साथ अल्लाह के नबी ने ऐसे लोगों की तारीफ भी फरमाई की और कहा कि मेरे उम्मत का सबसे बेहतरीन शख्स वह है जिसको देखकर अल्लाह रब्बुल इज्जत की याद आ जाती हो तो दोस्तों ऐसा शख्स तो वही होगा जो चेहरे और लिबास और हर चीज में सुन्नत पर अमल करता हो और उसकी जिंदगी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो वाले वसल्लम की सुन्नत के मुताबिक ही गुजरती हो ऐसे इंसान को देख कर अल्लाह की याद आ जाती है और यही इंसान सबसे बेहतरीन है।।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





