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हज़रत बीबी फातिमा रज़ि० की ज़िन्दगी का वाक़िया…
दोस्तों आप को आज बीबी फातिमा रज़ि० का एक ऐसा वाक़्या बताने जा रहे है जो एक नसीयत भरा है, आप जानते है बीबी फातिमा रज़ि० हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्ला० और खदीजा रज़ि० की बेटी थी, और अली रज़ि० की पत्नी थी और हुसैन रज़ी० और हसन रज़ि० की माँ थी . बीबी फातिमा रज़ि० को हज़रत फ़ातिमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैह कहा जाता है, अहले बैत हैं. फातिमा की शादी हज़रत अली से हुई थी.

तो आए बात करते है बीबी फातिमा रज़ी० के उस वाक़िए की गरीबी है कपडे पर पेवंद लगे है और शादी हो रही है मदीने में यहूदि लड़की की शादी और बड़े धूम धाम से शादी हो रही है सारे यहूदी औरतो को बुलाया गया खाने पीने का इंतज़ाम भी किया गया अचानक उन औरतो ने एक मश्वरा किया और जिस यहूदि लड़की की शादी हो रही थी उससे कहा की तू भी उठ और हम लोग भी चलते है हम फातिमा के घर पर जाते है .

और फातिमा को दावत देते है की तुम भी शादी में आउ और जब फातिमा शादी में आएगी तो हमरे कपडे तो चम्क्ते दमकते रहेंगे और जब फातिमा आएगी तो उसके पुराने फटे चिप्पी पेवन लगे हुए कपडे होंगे तो फिर हम छेड़ेंगे और फातिमा को कहेंगे जब तू गरीब है तो तेरा बाप भी गरीब है तेरा खानदान भी गरीब है तो ऐसे गरीब खानदान में आने की क्या ज़रुरत है इस तरह से फातिमा रज़ि० को सताने की खतरनाक प्लानिंग की गई .

उसके बाद यह यहूदि लड़की उठी और उसके साथ दूसरी औरते भी चली हज़रत फातिमा रज़ि० के घर पर पहुंचे फातिमा रज़ि० अपने घर में आटे का काम कर रही थी चक्की पीसने का काम कर रही . इतने में आकर फातिमा र.अ. का छोटा सा झोपड़ा पूरा घेर लिया ,और बहुत तारीफ की कहा तू तो मोहम्मद की बेटी है तू तो नबी की बेटी है तू तो इतने बड़े शख्स की बेटी है और शख्स बड़ा होगा तो बेटी भी बड़ी होगी तुझे तो शादी में आना ही पड़ेगा और हज़रत फातिमा रज़ि० बार बार कहती रही की नहीं मुझे मत कहो मै नहीं आउंगी मै दुआ देती हु अल्लाह मिया बीवी में खूब बरकत देवे अल्लाह तुम्हारे जोड़े को सलामत रक्खे लेकिन मुझे मतब बुलाऊ , औरतो ने बहुत ज़बरदस्ती की क्यों की इनको तो मजाक उड़ानी थी इसलिए बहुत ज़बरदस्ती की अब बेचारी फातिमा करती तो क्या करती तो कहा तुम जाऊ मै तुम्हारे पीछे आ रही हु …. पुरे वाक़िए के लिए आगे देखिये वीडियो.
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





