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नबी (स.अ) को दुनिया कि ये दो चीज़ें बहुत ज्यादा पसंद थी …
दोस्तों अस्सलाम वालेकुम व रहमतुल्ला हे व बरकातहू दोस्तों हमारे प्यारे नबी सल्लल्लाहो वाले वसल्लम इस दुनिया में सबसे अच्छे है आज हम अपने बारे में जानते हैं कि हमें क्या पसंद है क्या नहीं पसंद है लेकिन हम अपने नबी के बारे में जानने की कोशिश नहीं करते हैं कि हमारे नबी को क्या पसंद था और क्या नहीं हमारे नबी अपनी जिंदगी में क्या पसंद किया करते थे आइए हम आपको बताते हैं दोस्तों हमारे प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को इस दुनिया में दो चीज बहुत ज्यादा पसंद है हमारे प्यारे नबी बहुत कसरत से किया करते थे अल्लाह के नबी को निकाह करना पसंद था और दूसरा खुशबू बहुत कसरत से लगाया करते थे.

दुनिया में और भी बहुत सारी चीजें रही होंगी लेकिन हमारे प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उस चीज की तरफ गए ही नहीं उन चीजों को पसंद ही नहीं किया हमारे प्यारे नबी ने खाना इंतिहाई कम खाया और अपनी जिंदगी का बहुत सा दिन ऐसा गुजारा जिसमें उन्होंने फाके कर रखा है अल्लाह ने दौलत जब दी तो भी नहीं रखा और सदका कर दिया यह हमारे नबी का ज़ाती मिजाज़ था.

घर की हाल ऐसी थी कि एक खजूर की छाल भी थी और जो खजूर की छाल थी उस पर लेटते तो बदन पर निशान पड़ जाते थे लेकिन हमारे नबी ने अपनी उम्मत को इजाजत दी हजरत उस्मान गनी राज़ी अल्लाहहु अन्हो के दौर के हैं लेकिन खूब दौलत थी और बहुत पैसा था ऐशो आराम की जिंदगी थी अल्लाह के नबी ने कभी यह भी नहीं कहा कि मैं ऐसे रहता हूं और तुम क्यों ऐसे रहते हो.

क्यों क्योंकि अल्लाह के नबी सल्लाo का ये मिजाज़ था और वो किसी को मजबूर नहीं करते थे कि वो उनकी ही तरह रहे क्योंकि ये शरियत का हुक्म नहीं है बल्कि ये ज़ाती मिजाज़ की बात है क्योंकि अगर ये शरियत का असल हुक्म होता तो तमाम पैगम्बर इस हुक्म को फॉलो करते थे जबकि सुलेमान अलैहिस्सलाम ने इस तरह से ज़िन्दगी नहीं गुज़ारी ।। आगे देखें वीडियो में।।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।
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