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जानिए 8 ऐसे लोगो को जिन पर नमाज़-ए-जुमा फ़र्ज़ नहीं है…
दोस्तों जैसा कि आप जानते हैं कि जुम्मे के दिन यानी कि शुक्रवार के दिन जोहर की नमाज की जगह जुमे की नमाज पढ़ी जाती है आज हम आपको बताएंगे की जुम्मा किस पर फर्ज है और किस पर नहीं और जुमे की क्या फजीलत है दोस्तों आपको बता दें कि जुम्मा हर बालिक मर्द पर फ़र्ज़ है यानी कि जब लड़का बालिग हो जाए तो उसके ऊपर जुम्मा फ़र्ज़ हो जाता है हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि किसी ने लगातार तीन जुम्मा छोड़ दिया तो गोया उसने इस्लाम को पीठ दिखा दी ऐसा शख्स मुनाफिक होता है और उसका अल्लाह से कोई ताल्लुक नहीं होता है दोस्तों लेकिन कुछ ऐसे लोग होते हैं जिनपर जुम्मा फर्ज नहीं होता.

आज हम इस पोस्ट में आपको बताएंगे कि वह कौन से लोग हैं जिन पर जुम्मा फ़र्ज़ नहीं है दोस्तों उनमें पहला शख्स मुसाफिर यानी कि मुसाफिर अगर सफर में है तो उस पर जुम्मा फर्ज नहीं होता नंबर पर दो पर आते हैं मरीज यानी कि ऐसा मरीज जो अपनी बीमारी की वजह से चल कर मस्जिद तक ना जा सके उस पर जुम्मा फर्ज नहीं है दोस्तों तीसरे नंबर पर वह शख्स जो कि पागल हो और वह दिमागी हालत से सही ना हो तो ऐसे शख्स पर जमा फर्ज नहीं है.

इसके बाद औरतों पर जुम्मा फर्ज नहीं है जुम्मा हर बालिक मर्द पर फर्ज है औरत पर नहीं है इसके बाद बच्चों पर जुम्मा फर्ज नहीं है क्योंकि नबी करीम सल्लल्लाहू आला वसल्लम ने फरमाया कि जुमा हर बालिक मर्द पर फर्ज है इससे यह साबित होता है कि बच्चों पर जुम्मा फर्ज नहीं है यानी कि जो बच्चे बालिग नहीं हुए हैं उन पर जुम्मा फर्ज नहीं है इसके बाद उन लोगों पर जुमा फ़र्ज़ नहीं है जो कि अपने हाकिम के ज़ुल्म से डरते हैं.

इसी के साथ उन कैदियों पर भी जुमा फर्ज नहीं है जो कि कैद है और इसके साथ अपाहिज अंधे लोग जो की मस्जिद तक ना जा सके उनके ऊपर भी जुम्मा फर्ज नहीं है तो दोस्तों यह थी वह 8 लोग जिनके ऊपर जुम्मा फर्ज नहीं है अल्लाह पाक ने इन लोगों को रियायत दे रखी है कि यह जोहर की नमाज अदा कर सकते हैं यह जुम्मा पढ़े या न पढ़े इनको गुनाह नहीं पड़ेगी।।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





