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वो औरतें जो दज्जाल से मोहब्बत करेंगी, जानिए कौन सी औरतें हैं वो?
हदीस के मुताबिक क्यामत की दूसरी निशानी यों के साथ साथ एक बड़ी और अहम निशानी है दज्जाल का आना . दज्जाल से मुराद उस शख्स से है जिस से तमाम अंबिया ओं ने अपनी उम्मत को खबरदार रहने को कहा और डराया . और इसकी खुदा दुश्मनी पर तमाम अंबिया का जमा रहा है . हजरत इमरान बिन हुसैन रजीअल्लाहअन्हो कहते हैं कि मैंने रसूल अल्लाह सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम को यह फरमाते हुए सुना आदम अलैहिस्सलाम की पैदाइश से लेकर कयामत आने तक दज्जाल से बड़ा कोई फितना नहीं है ( मुस्लिम ).
हदीस और रिवायतों से यह पता चलता है कि दज्जाल इराक और शाम के बीच के रास्ते से जाहिर होगा . वह खुदाई दावा करेगा और इस दावे से सबक पूरी दुनिया में फितना और फसाद फैल जाएगा . वह एक आंख का गाना होगा या शामिल होगा उसके माथे पर लफ्ज़ काफिर लिखा होगा . जिसे सिर्फ मोमिन जो अल्लाह पर यकीन रखने वाले हैं वही पहचान पाएंगे दज्जाल को मानने वाले ज्यादातर अपराध यहूदी होंगे . वह अपने मानने वालों में एक फौज तैयार करेगा इस फौज के साथ वह खाना ए काबा पलटवार करने की कोशिश करेगा .

लेकिन अल्लाह के हुक्म से फरिश्ते उसकी इस चाल को फेल कर देंगे . दज्जाल का 40 दिन शुरू से जमीन पर इंसानों के लिए 40 सदियों से भी भारी होगा . 40 दिन की हुकूमत का पहला दिन 1 साल के बराबर होगा दूसरा दिन 1 हफ्ते के बराबर होगा और बाकी दिन 1 दिन जैसा होगा खुदाई का दावा करने के साथ-साथ वह इसी दुनिया में जन्नत और दोजक भी बना लेगा .

जन्नत के नाम पर एक बाघ होगा जबकि दोजक के नाम पर एक आग भड़काई गई होगी . दज्जाल अपने मानने वालों को जन्नत में दाखिल करेगा और ना मानने वालों को आग में डाला . अपने खुदाई का सबूत देने के लिए वह मुर्दे में जान डाल देगा और बारिश बरसायेगा . इसके बाद वह मोमिनो से मुतालबा करेगा कि वह माबूद ए हकीकी अल्लाह की इबादत छोड़ कर दज्जाल की इबादत करें .

जो दज्जाल की इस बात का इनकार करेंगे उनको दो टुकड़े कर कर दोनों टुकड़ों के बीच चहल कदमी करेगा . फिर दोनों टुकड़ों को जोड़ कर जिंदा करेगा फिर उनसे अपनी इबादत करने को कहेगा लेकिन अगर फिर वह इंकार करेंगे तो उन्हें आग में डाल देगा . दज्जाल के पुरुष और उरूज में औरतों का भी बहुत योगदान होगा .

हुजूरे अकरम सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम ने फरमाया कि जब दज्जाल निकलेगा सबसे पहले औरतें इसको मानेगी और एक दूसरी हदीस में हुज़ूर अकरम अकरम सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया दज्जाल की तरफ सबसे ज्यादा औरतें जाएंगी . यहां तक कि आदमी अपनी मां बहन बेटी बच्ची को बांधे गा इस डर से कही वो दज्जाल की तरफ ना चलि जाये . (अल- तबरानी )

बल्कि दज्जाल की लश्कर में भी औरतों को एक नुमाया हैसियत हासिल होगी यहां तक कि दज्जाल की एक स्पेशल सिक्योरिटी औरत ही होगी जिसका लक़ब लइबा होगा .अबू सईद गुजरी कहते हैं कि दज्जाल जहां भी जाने का इरादा करेगा उससे पहले एक लईबा नामक औरत वहां जाकर रहेगी कि दज्जाल तुम्हारी तरफ आ रहा है लिहाजा उस से डरो और उससे मुखालिफत के नतायज से खबरदार रहो .आगे सुनने के लिए नीचे दी हुई वीडियो देखें :
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





