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जब दुनिया के सबसे बड़े योद्धा का सामना इस्लामी लश्कर से हुआ तो…
प्रिंस ऑफ परसिया नाम का एक विडियो गेम दुनिया भर में बहुत मशहूर है आपको बता दें कि प्रिंस ऑफ परसिया नाम की एक हॉलीवुड मूवी भी 2010 में रिलीज़ हो चुकी है जिसमे काफी बड़ी स्टार कास्ट शामिल थी इस फिल्म में एक फ़ारसी शहजादा दास्तान कई तरीके के बहादुरी के काम करते हुए दिखाई देता है इसलिए अक्सर दोस्त ये सवाल करते हैं कि प्रिंस ऑफ परसिया कहलाये जाने वाले दास्तान का हकीकत से भी कोई ताल्लुक है या ये महज़ अफ्सान्वी किरदार ही है दरहकीक़त आपको बता दें कि दौरे हाज़िर की प्रिंस ऑफ परसिया का किरदार एक हकीकत है.
ये दास्तान फारस के रज्मिया दास्तानों में रुस्तम दास्तान के नाम से मशहूर है और दुनिया में मौजूद फ़ारसी इसे आज भी अपना हीरो तस्लीम करते हैं और इसके नाम पर अपने बच्चों के नाम रखकर फख्र महसूस करते हैं फिरदौसी की लिखी मशहूर फ़ारसी नज़्म शाहनामा में रुस्तम का ज़िक्र कई जगह मिलता है जिसमे रुस्तम का ज़िक्र एक सुपर हीरो के तौर किया गया है आपको बता दें कि इसका असली नाम रुस्तम फर्रुखजाद था.

इस्लाम के आने से पहले यानी सासानी हुकूमत में इसका शुमार अपने दौर के बेहतरीन सालारो और बहादुरों में हुआ करता था इसके खौफ का ये आलम था कि जब रुस्तम मैदान में उतरता था तो कोई भी इसके मुकाबले में आने की हिम्मत नहीं दिखा पाता था बहादुरी के साथ-साथ ये हिकमत लगाने में भी बहुत माहिर था और पूरे फारस में कोई भी हिकमत के मामले में भी इसके टक्कर का न था.

आपको बता दें कि रुस्तम ईरान के शाही खानदान से ताल्लुक रखता था मशहूर ईरानी बादशाह खुसरो परवेज़ के दौर में इसके खानदान का दायरा बहुत वसी था और याद रहे कि ये वही खुसरो परवेज़ है जो हुज़ूर सल्लाo के दौर में ईरान का बादशाह हुआ करता था और आप सल्लाo ने दुनिया के हुक्मरानों की तरह इसे भी ख़त के ज़रिये इस्लाम की दावत पेश की थी लेकिन इस मगरूर बादशाह ने हुजुर सल्लाo के मुबारक ख़त को फाड़ दिया था.आगे देखिये विडियो.
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





