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दारुल उलूम देवबंद ने दिया एक और फतवा , महिलाओ में हड़कंप …
दारुल उलूम देवबंद अक्सर अपने फतवों को लेकर चर्चा में रहता है. इन दिनों अब एक फिर से दारुल उलूम देवबंद ने एक फतवा सुनाया है, जिसकी चर्चा सब तरफ हो रही है. दरअसल दारुल उलूम देवबंद ने इस बार महिलाओं को लेकर फतवा सुनाया है और उनके सजने-संवरने को लेकर गाइडलाइन जारी की है. इस बार महिलाओं द्वारा खूबसूरत दिखने के लिए इस्तमाल की जाने वाली नेल पॉलिश को लेकर दारुल उलूम देवबंद ने फतवा सुनाया है.

फिर चर्चा में आया देवबंद का फतवा बता दें कि नेल पॉलिश को लेकर इससे पहले भी कई बार बहस और चर्चा होती रही है. लेकिन अब फिलहाल यह बहस कभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची. लेकिन अब इस दिशा में दारुल उलूम देवबंद ने इसे लेकर कुरआन और हदीस की रौशनी में अपना फैसला सुना दिया है. दरअसल अपने इस फतवे में दारुल उलूम देवबंद ने महिलाओं को नेल पॉलिश लगाने की इजाज़त दे दी है. नेल पॉलिश को लेकर दिया फैसला हालाँकि इसके साथ ही दारुल उलूम देवबंद ने अपने फतवे में कई शर्ते भी लगाईं हैं. मसलन नेल पॉलिश लगाने के बाद नमाज़ पढने से पहले उतारना होगा.

इस फतवे में बताया गया है कि अगर नेल पॉलिश लगी हुई है तो ऐसे हालत में वजू नहीं माना जायेगा.ऐसे में बिना वजू के नमाज़ भी नहीं होगी. इसलिए इस फतवे में बताया गया है कि सजने और खूबसूरत दिखने के लिए महिलायें नेल पॉलिश लगा तो सकती हैं लेकिन नमाज़ पढने से पहले उसे हटाना होगा. नेल पॉलिश लगाने की मिली इज़ाज़त फिलहाल दारुल उलूम देवबंद के इस फतवे को लेकर मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.
बता दें कि नेल पॉलिश को लेकर मुजफ्फरनगर के एक शख्स ने इस सवाल के साथ दारुल उलूम देवबंद का रुख किया था, जिसके जवाब में दारुल उलूम देवबंद ने यह फतवा दिया है. आपको बता दें कि दारुल उलूम देवबंद ने दिया गया फतवे को लेकर किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाया जाता है. बल्कि इसे मानने या न मानने को लेकर हर कोई स्वतंत्र होता है.
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।
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