बलिया
बलिया के सीयर में बनेगा 132 केवी का ट्रांसमिशन, 4 ट्रांसमिशनों का हो चुका है निर्माण
उत्तर प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड बलिया में बिजली की समस्या को दूर करने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसके तहत जिले के हर इलाके में ट्रांसमिशन का निर्माण किया जा रहा है। अभी रसड़ा में 400 केवी, बलिया में 132 केवी सहित 4 ट्रांसमिशन का निर्माण हो चुका है। अब सीयर तहसील में भी 132 केवी का ट्रांसमिशन बनेगा।
बता दें कि बेल्थरारोड के बनकरा सैयद बुखारा गांव में सरकारी जमीन को चिन्हित किया गया है। इसमें विभागीय इंजीनियर सर्वे करने के बाद जमीन कॉरपोरेशन लिमिटेड को स्थानांतरित करने के लिए जिलाधिकारी को फाइल गई है। इस ट्रांसमिशन पर लगभग 55 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रस्ताव पर स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा। प्रस्तावित ट्रांसमिशन यूनिट में एक 40 व दूसरा 63 एमबीए क्षमता के दो हैवी ट्रांसफार्मर लगेंगे। ट्रांसमिशन रसड़ा के 400 केवी ट्रांसमिशन यूनिट व कसारा ट्रांसमिशन से जुड़ेगा। 33 केवी क्षमता के 6 सब स्टेशन वेल्थरारोड ग्रामीण और नगरीय, तुर्तीपार, हल्दीरामपुर, मालदा और गोरा मदनपुर सब स्टेशन से जुड़ेगा। हल्दीराम सब स्टेशन के जुड़ने से 24 घंटे बिजली मिलने से किसानों को नहर के माध्यम से सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा।
गौरतलब है कि 20 किलोमीटर लंबी लाइनों का जाल होने से आए दिन तार टूटने और ओवरलोड लाइनों के चलते लो-वोल्टेज की दिक्कत है, लेकिन ट्रांसमिशन बनने के बाद अब लोगों को दिक्कत नहीं आएगी। उन्हें फॉल्ट मुक्त बिजली आपूर्ति होने में मदद मिलेगी।
बलिया
Protected: 2027 में रसड़ा की सियासत कैसी होगी? सर्वे में सामने आए आंकड़े
बलिया
Protected: बेल्थरा रोड में टिकट से लेकर पार्टी तक, किसे पसंद कर रहे लोग? ऑनलाइन सर्वे में सामने आए चौकाने वालेआंकड़े
featured
फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
-
सिकंदरपुर2 weeks agoसिकंदरपुर विधानसभा सर्वे 2027
-
बैरिया2 weeks agoबैरिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बलिया स्पेशल2 weeks agoबलिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बांसडीह2 weeks agoबांसडीह विधानसभा सर्वे 2027
-
फेफना2 weeks agoफेफना विधानसभा सर्वे 2027
-
रसड़ा2 weeks agoरसड़ा विधानसभा सर्वे 2027
-
बेल्थरा रोड2 weeks agoबेल्थरा रोड विधानसभा सर्वे 2027
-
featured3 days agoराम गोविंद चौधरी की विरासत संभालने को तैयार रंजीत चौधरी, फिर उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश क्यों?


