Connect with us

बलिया

बलिया- युवक की संदिग्ध मौत बनी मिस्ट्री, हत्या, अलग-अलग बयानों में उलझी पुलिस

Published

on

बलिया में एक युवक के मौत मिस्ट्री बन गई है। जानकारी के मुताबिक उसे और उसके साथी को गांव के दो लोग एक कार्यक्रम में लेकर गए थे। बाद में उसका साथी बेहोश हालात में और वो सड़क किनारे मृत अवस्था में मिला। पुलिस ने दूसरे पीड़ित से पूछताछ की तो उसने बताया कि उन दोनों पर कुछ लोगों ने हमला किया था। जबकि मृतक के भाई ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम में ले जाने वालों ने ही हत्या की है। हालांकि पुलिस मामले में जुट गई है।

मामा-भांजे पर हत्या का आरोप- फेफना थाना क्षेत्र के सागरपाली चट्टी के पास चितबड़ागांव निवासी सुधार को शव मिला था। उसके बड़े भाई अनिल को मुंबई में सूचना देकर बुलाया गया। अनिल ने तहरीर देकर बताया कि 20 जुलाई की रात गांव के ही रहने वाले वकील उर्फ बबलू और उसका भांजा रसड़ा के अमहर निवासी अरमान ने फोन कर किसी जन्मदिन पार्टी में जाने के लिए सुधीर को तैयार होने को कहा। कुछ देर बाद दोनों उसको लेने पहुंचे। देर रात तक वह वापस नहीं लौटा तो उसकी खोजबीन शुरु हुई। कुछ देर बाद सुधीर तथा उसके साथ गांव का ही आदित्य बेहोश मिले। दोनों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर सुधीर की मौत हो गई। अनिल का आरोप है कि वकील और अरमान ने मेरे भाई की हत्या की है।

4-5 लोगों पर हमले का आरोप- घटना के वक्त सुधीर के साथ मौजूद रहे आदित्य ने बताया कि घटना के दिन सुधीर, अरमान के साथ मैं भी सागरपाली गया था। NH-31 से दो-तीन किमी दक्षिण में हम लोग अरमान को छोड़ने पहुंचे। अरमान ने एक घंटे बाद आने की बात कहीं। तो सुधीर और मैं बलिया में खाना खाने चले गए। वहां से हम लोगों ने अरमान को फोन किया लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद हम लोग उसी जगह पर पहुंचे। तो पहले से वहां 4-5लोग मौजूद थे। उन्होंने हम लोगों पर हमला कर दिया। मैं पहले बेहोश हो गया तो आगे का कुछ नहीं देख सका।

​​​​​​​मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस- तहरीर मिलने के बाद पुलिस इस घटना की सभी बिंदुओं से छानबीन कर रही है। रविवार देर शाम सीओ सदर शिवराम कुशवाहा तथा एसओ चितबड़ागांव निहार नंदन सुधीर के घर पहुंचे। उन्होंने घरवालों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से बातचीत कर पूरी जानकारी ली। सीओ का कहना है कि मामले की पूरी जांच कर अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद उनके निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बलिया

अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

Published

on

भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।

इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।

Continue Reading

बलिया

बलिया में रोजगार का सुनहरा अवसर: 23 जून को लगेगा एक दिवसीय रोजगार मेला

Published

on

बलिया। जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार पाने का बेहतरीन अवसर सामने आया है। जिला सेवायोजन कार्यालय, बलिया द्वारा 23 जून 2026 को एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेला सतनी सराय स्थित तारा निवास गली, भृगु आश्रम के पास स्थित जिला सेवायोजन कार्यालय परिसर में आयोजित होगा।

मेले में निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी विजन इंडिया ग्लोबल एल्यूमिनियम द्वारा अप्रेंटिसशिप के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। इस पद के लिए 10वीं एवं आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को ₹17,500 प्रतिमाह तक का वेतन प्रदान किया जाएगा।

कंपनी द्वारा निर्धारित आयु सीमा 18 से 28 वर्ष रखी गई है, जबकि चयनित अभ्यर्थियों का कार्यस्थल हैदराबाद (तेलंगाना) होगा। अभ्यर्थियों का चयन साक्षात्कार के माध्यम से उनकी योग्यता एवं क्षमता के आधार पर किया जाएगा।

जिला सेवायोजन कार्यालय ने बताया कि रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले सभी अभ्यर्थियों का रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। कैंपस चयन की पूरी प्रक्रिया रोजगार संगम पोर्टल के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी।

जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ रोजगार मेले में उपस्थित होने की अपील की है।

Continue Reading

featured

लखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा सवाल: क्या बलिया के कोचिंग संस्थान सुरक्षित हैं?

Published

on

बलिया। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है, जिसके बाद कई जिलों में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है।

इसी बीच बलिया जिले में भी बिना मानकों और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के संचालित हो रहे सैकड़ों कोचिंग संस्थानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लेकर बेल्थरा रोड, रसड़ा, सिकंदरपुर, बांसडीह और बैरिया जैसी तहसीलों तक अनेक कोचिंग सेंटर संकरी गलियों, बहुमंजिला भवनों और व्यावसायिक परिसरों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो अग्निशमन उपकरण दिखाई देते हैं और न ही आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोचिंग संस्थान क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाकर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। अधिकांश भवनों में फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों की स्थिति की कभी जांच नहीं होती। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो हालात बेहद भयावह हो सकते हैं।

लखनऊ हादसे के बाद कानपुर समेत कई जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और कई संस्थानों को सील भी किया गया है।

अब सवाल यह है कि क्या बलिया प्रशासन भी जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराएगा? क्या बिना मानक और बिना सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच होगी? लखनऊ की त्रासदी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

(यह जनहित से जुड़ा विषय है। प्रशासन को जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी और भवन मानकों की तत्काल जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके।)

 

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!