featured
बलिया- बोरिंग घोटाला में जिला समाज कल्याण अधिकारी सस्पेंड
बलियाः निशुल्क बोरिंग योजना में वित्तीय अनियमितता सामने आने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी अभय कुमार सिंह पर गाज गिरी है। शासन ने सिंह को सस्पेंड कर दिया है। 1 सप्ताह के अंदर दो अफसरों के निलंबन की कार्यवाही के बाद से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।बता दें कि शासन की ओर से अनुसूचित जाति और जनजाति के 165 किसानों के खेतों में निशुल्क बोरिंग कराने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए बकायदा 19.50 लाख रुपए जारी हुए थे। लेकिन दो सालों के अंदर लक्ष्य पूरा नहीं हुआ। कई किसानों के खेत में निशुल्क बोरिंग नहीं बने और कई जगह अधूरे बोरिंग बने। लेकिन फिर भी कागजों पर काम पूरा दिखाकर गलत तरीके से भुगतान करा लिया गया।
योजना में गड़बड़ी सामने आने के बाद सीडीओ प्रवीण वर्मा ने इसकी जांच एसडीएम सदर जुनैद अहमद से कराई। रिपोर्ट के आधार पर शासन ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निलंबित कर दिया है। सूत्रों की मानें तो योजना के तहत प्रति निशुल्क बोरिंग 10 हजार रुपए कार्यदायी संस्था ग्रामोद्योग विकास संस्थान नवाबगंज गोंडा को उपलब्ध कराया गया था लेकिन धरातल पर बोरिंग नहीं हुए, बल्कि बोरिंग का काम किए बिना ही कार्य पूर्ण होने के प्रमाणपत्र जमा कराए।
इस संबंध में सीडीओ प्रवीण वर्मा का कहना है कि नि:शुल्क बोरिंग के नाम पर भुगतान हो चुका है जबकि, मौके पर काम नहीं हुआ है। जांच में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की गयी है। वहीं जांच के बाद डीएम के निर्देश पर जिला समाज कल्याण अधिकारी अभय कुमार सिंह ने मई में कार्यदायी संस्था समेत अन्य दोषियों पर नगर कोतवाली में केस दर्ज कराया था। तहरीर में कहा गया है कि वर्ष 2018-19 में निदेशालय, समाज कल्याण लखनऊ से 2019 में 19.50 लाख धन प्राप्त हुआ था।
धनराशि को निदेशालय समाज कल्याण लखनऊ द्वारा नामित कार्यदायी संस्था ग्रामोद्योग विकास संस्थान नवाबगंज गोंडा को बिना काम किए ही तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी तिलकधारी, संजय राय, सहायक लेखाकार, अवधेश कुमार, सहायक पटल सहायक द्वारा भुगतान कर दिया गया। जबकि सत्यापन में 165 बोरिंग में से महज 82 का होना पाया गया। इस तरह से 83 बोरिंग कराये गये बिना ही सरकारी धन का बंदरबांट हो गया। जिसके बाद शासन ने जिला समाज कल्याण अधिकारी के निलंबन की कार्यवाही की है।
featured
Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
featured
UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
-
featured2 weeks agoBHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
-
featured6 days agoUGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
-
फेफना2 weeks agoमकर संक्रांति पर टोंस तट पर सजा चिंतामणि ब्रह्म का ऐतिहासिक मेला, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
-
featured3 days agoPhotos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
-
featured4 days ago


