बलिया
बलियाः विद्युत पोल पर तारों का जाल बन रहे हादसे का कारण, घंटो बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी
बलिया में शहर से लेकर गांवों तक विद्युत पोल पर तारों का जाल फैला हुआ है। इन तारों की वजह से कई बार हादसे भी हो जाते हैं। बिजली पोल पर बेतरतीब तरीके से पड़े तारों को हटाकर एबीसी केबल लगाने का काम जारी है लेकिन यह काम भी धीमी गति से हो रहा है। अब तक केवल 317 गांवों में ही काम पूरा हो पाया। वहीं शहर में अंडरग्राउंड केबल से आपूर्ति की तैयारी चल रही है।
लेकिन गांवों में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीण इलाकों में तो बिजली बोल से हटकर भी तारों का जाल देखने को मिलता है जो कि बहुत खतरनाक होता है। इन तारों में स्पार्किंग का डर बना रहता है। कई घरों के पास में भी यह बिजली के तार लटके रहते हैं। गर्मी के समय परेशानी और भी बढ़ जाती है। क्योंकि गर्म होकर तार आपस में चिपक जाते हैं और शार्ट सर्किट का कारण बनते हैं। जिसके कारण कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। वहीं कई घंटे बिजली गुल रहने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। कई इलाकों में रात-रात भर बिजली नहीं आती, इसके कारण लोग गर्मी में बिना पंखे-कूलर के रात गुजार रहे हैं।
कई जगह ट्रांसफार्मर जलने की भी घटनाएं सामने आती है। इन सब परेशानियों को दूर करने के लिए ही करीब 10 साल पहले नगरीय क्षेत्रों में पोल पर ओवरहेड वायर के स्थान पर एबीसी (एरियल बंच कंडक्टर) केबल से आपूर्ति का प्रावधान किया गया। ओवरहेड तारों के स्थान पर नगर में अब अंडरग्राउंड केबल के जरिए आपूूर्ति करने की तैयारी चल रही है। केबल बिछाने का काम भी पूरा हो चुका है।
वहीं ग्रामीण इलाकों में भी एबीसी केबल के जरिए विद्युत आपूर्ति का काम शुरु किया गया है। विभाग बिजली की आपूर्ति दुरुस्त करने को लेकर जर्जर तारों को बदलने में जुटा है। विद्युत विभाग के अधिकारियों की माने तो दशकों पुराने जर्जर तारों के आए दिन टूटने से जहां हादसे हो रहे हैं। ऐसे में एक हजार से अधिका आबादी के 910 मजरे को चिन्हित कर कार्य शुरु कर दिया गया है।
कुल 317 मजरों में एबीसी केबल लगा लिए गए हैं। वही विद्युत वितरण खंड अधिशासी अभियंता एके चौधरी का कहना है कि विद्युत पोल पर ओवरहेड तारों से कनेक्शन को लेकर तारों का जंजाल हो जाता था। इसे व्यवस्थित करने के लिए समय-समय पर निर्देश भी दिए जाते हैं। शहर में तो अब जल्द ही अंडरग्राउंड केबल से आपूर्ति होगी। गांवों में भी चरणबद्ध तरीके से ओवरहेड तारों के स्थान पर एबीसी केबल लगाने का काम किया जा रहा है।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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