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पत्रकारों की रिहाई की मांग को लेकर कल बलिया बंद, कौन दे रहे समर्थन जान लीजिए

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बलिया। पेपर लीक मामले में पत्रकारों की रिहाई की मांग को लेकर शुरू हुई लड़ाई ने एक बड़ा रूप ले लिया है। जहाँ अब संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा ने कल यानी 16 अप्रैल को बलिया बंद का एलान कर दिया है। और संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के बंद को कई संगठनों का समर्थन भी मिला है। वहीं समर्थन देने वालों की लाइन लग गई है, जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र संगठन, जनपद के व्यापारी संगठनों ने बलिया बंद का समर्थन किया है। पत्रकारों की रिहाई की मांग और डीएम व एसपी के निलंबन की मांग को लेकर संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा ने 16 अप्रैल को बलिया बंद का एलान किया है।

इधर व्यापारियों ने भी पत्रकारों की रिहाई के समर्थन में अपनी-अपनी दुकानों को बंद करने का एलान किया है। एक स्वर से लोगों ने कहा कि जब देश का चौथा स्तम्भ को सच दिखाने पर दबाया व गिरफ्तार किया जा रहा है ‌तो हम आमजन लोगों का क्या हाल होगा। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है। इसीक्रम में नगर के व्यापारियों ने 16 अप्रैल दिन शनिवार को अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद करने का आश्वासन दिया। सागरपाली चट्टी के व्यापारियों ने भी बंद का समर्थन करने का एलान किया है।

इन लोगों ने दिया समर्थन…
पीजी कालेज सुदिष्टपुरी नीतेश सिंह ने कहा कि पत्रकारों को फर्जी तरीके से जेल में डालना लोकतंत्र की हत्या है। 16 अप्रैल दिन शनिवार को बलिया बन्द को सफल बनाने के लिए छात्र संगठन का पूरा सहयोग रहेगा। बलिया नगर के साथ ही मधुबनी, रानीगंज व बैरिया भी बन्द रहेगा।एआईएमआईएम के वरिष्ठ नेता व पूर्व विस प्रत्याशी मोहम्मद शमीम खान ने कहा कि पेपर लीक कांड में जिस तरीके से निर्दोष पत्रकार बंधुओं को फंसाया गया है, दुर्भाग्यपूर्ण है। समाज के चौथे स्तंभ पर इस तरह का प्रहार बेहद निराशजनक है। सरकार की इस दमनकारी नीति के खिलाफ बलिया बंद को मेरा पूर्ण समर्थन।

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निर्भय सिंह गहलौत ने कहा कि पत्रकार का काम सच्चाई को आमजन तक पहुंचाना होता है। ऐसे में समाचार छापने के वजह से पत्रकारों को जेल भेजना निंदनीय है। संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा द्वारा 16 अप्रैल को बलिया बन्द में छात्र संगठन का पूरा सहयोग रहेगा और रानीगंज व बैरिया भी बन्द रहेगा।

एससी कालेज के छात्रनेता धनजी यादव ने कहा कि मैं बलिया का एक छात्रनेता होने के नाते पत्रकार भाइयों द्वारा 16 अप्रैल को बलिया बंदी घोषित का समर्थन करता हूं। जिस प्रकार से सच दिखाने वाले निर्दोष तीन पत्रकारों को जेल भेजने का काम किया है,वह निश्चित रूप से निंदनीय है। हम पत्रकार भाइयों के सम‌र्थन में 16 अप्रैल को छात्र कर्फ्यू की घोषणा करते है। मैं ही नहीं पूरे जनपद का छात्र इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए ताकत झोक देगा।  समाजसेवी दुर्गविजय सिंह झलन ने कहा कि पत्रकारों को जेल भेजकर जिला प्रशासन लोकतंत्र की हत्या कर रही है। पत्रकार का काम ही है न्यूज छापना। फिर न्यूज छापने पर जेल क्यो। बलिया बन्द का समर्थन के क्रम में रानीगंज व बैरिया बन्द होगा।

पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह- पत्रकार का काम दबे हुए मामलों को उजागर करना है। अगर देश में चौथा स्तम्भ नहीं होता तो भ्रष्ट अधिकारी व सत्ता में बैठे नेता देश को बेच खाते। पेपर लीक मामले में तीनों पत्रकार अपने पत्रकारिता धर्म का पालन किया है। ऐसे में फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने का हम विरोध करते है। ऐसे में बलिया बन्द का पूरा समर्थन करते हुए रानीगंज व बैरिया के व्यापारियो से अपील करता हूं कि वह शनिवार को अपना प्रतिष्ठान बंद रखे।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि पत्रकारों की बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर 16 अप्रैल बलिया बंद को जिला कांग्रेस कमेटी ने समर्थन दिया है। ज्ञात हो कि इस लड़ाई में प्रदेश के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी शिरकत कर चुके है। हम इस न्याय की लड़ाई में सत्य के लिए पत्रकारों के साथ खड़े हैं और आमजन से गैर कांग्रेसी संगठनों से भी अपील करते हैं कि इस बंद का पुरजोर समर्थन करें। लोकतंत्र की हत्या, संविधान के साथ छेड़छाड़, निर्दोष लोगों को फंसाया जाना उत्तर प्रदेश सरकार और उनके नौकरशाही जिला प्रशासन का आदत बन चुका है। पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है जो समाज में हो रही कुरीतियों का कलम से विरोध करता है। इस लड़ाई में कांग्रेसजन साथ में है।

माले नेता लक्ष्मण यादव संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा द्वारा 16 अप्रैल दिन शनिवार को बलिया बंद को सफल बनाने के लिए भाकपा( माले) ने समर्थन प्रदान किया। नगर से लेकर ग्रामीणांचल में माले पत्रकारों के साथ बलिया को बंद कराने में खड़ा रहेगा।

जब देश के चौथे स्तम्भ के लोगों पर जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है तो फिर आमजन को न्याय कहां से मिलेगा। निर्दोष गिरफ्तार किए गए पत्रकारों की रिहाई की मांग को लेकर 16 अप्रैल दिन शनिवार को कोटेदार संघ समर्थन करता है और व्यापारियों से अपली करता है कि अपने प्रतिष्ठानों को बंद रख पत्रकारों को न्याय दिलाने में सहयोग प्रदान करें।
– आनंद सिंह, जिलाध्यक्ष, कोटेदार संघ व व्यापारी नेता

निर्दोष पत्रकारों के रिहाई की मांग को लेकर संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा द्वारा 16 अप्रैल दिन शनिवार बलिया बंद समर्थन का प्रधान संघ ब्लाक चिलकहर तथा प्रधान संघ गड़वार ब्लाक समर्थन करता है।
– अभय कौशल, अध्यक्ष, प्रधान संघ, चिलकहर तथा अनिल यादव, अध्यक्ष, गड़वार ब्लाक प्रधान संघ

भाजपा सरकार के संरक्षण में बलिया जिला प्रशासन जनपद के पत्रकारों पर पेपरलीक मामले में फर्जी मुकदमा दायर कर प्रताड़ित कर रहा है और कुछ पत्रकार जेल में भी बन्द है। जिसके खिलाफ संयुक्त पत्रकार मोर्चा बलिया आंदोलनरत है और उसी क्रम में मोर्चा द्वारा 16 अप्रैल दिन शनिवार को बलिया बन्द का आह्वान किया गया है। जिसका पूर्ण समर्थन समाजवादी पार्टी बलिया द्वारा करने का निर्णय लिया गया है।
राजमंगल यादव, जिलाध्यक्ष एवं सुशील पाण्डेय”कान्हजी” प्रवक्ता, समाजवादी पार्टी, बलिया

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव शिवेंद्र बहादुर सिंह ने भी 16 अप्रैल दिन शनिवार को बलिया बंद का पुरजोर समर्थन किया है। कांग्रेस नेता विशाल चौरसिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी तो पहले से ही अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में लड़ाई लड़ रही है और बंद का पुरजोर समर्थन रहेगा। सपा नेता बीरबल राम ने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी बंद को सफल बनाने में जी जान लगा देंगे। आप आप पार्टी के विधानसभा प्रभारी अमरीश चौबे ने भी कहा कि आप कार्यकर्ता शासन प्रशासन के तुगलकी फरमान के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। छात्र नेता अजीत तिवारी ने भी कहा कि छात्रसंघ भी रसड़ा बंद को सफल बनाने में पूरा सहयोग करेगा।

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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