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बिहार में खाद सप्लाई देने पर बलिया में उर्बरक की एक दुकान सीज, दो पर बैन

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बलिया। बिहार के बक्सर बॉर्डर पर आज औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय सीमावर्ती पुलिस और कृषि विभाग की टीम द्वारा बिहार के 13 किसानों के द्वारा डी ए पी बिहार में ले जाते समय पकड़ा गया। पूछताछ करने पर किसानों द्वारा बताया गया कि यह खाद उनके द्वारा लक्ष्मणपुर के अम्बे स्टोर , नरही के दुर्गा खाद भंडार और कोटवा नारायणपुर के राय खाद एवं बीज भंडार व्यवसाई से लिया गया है ।

जिसका संज्ञान लेते हुए अम्बे स्टोर लक्षमणपुर की जांच की गई ।दुकानदार द्वारा कोई संतोषजनक जवाब न देने पर दुकान को तत्काल सीज कर दिया गया तथा नरही का दुकानदार दुर्गा उर्बरक केंद्र मौके पर दुकान बंद कर भाग गया। जिससे उनका बिक्री प्रतिबंधित करते हुए उर्बरक लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। कोटवा नारायणपुर के उर्वरक व्यवसायी राय खाद एवम बीज भण्डार की भी दुकान निलम्बित करते हुए बिक्री प्रतिबंधित की गई है ।

आज उर्वरक जाँच के दौरान जिला कृषि अधिकारी , जिला कृषि रक्षा अधिकारी और अपर जिला कृषि अधिकारी द्वारा उर्बरक के 20 संदिग्ध नमूने भी ग्रहित किये गए है । जिसे जांच हेतु लैब भेजा जाएगा ।जनपद में दिसंबर माह तक फास्फेटिक उर्वरकों का लक्ष्य 20 हजार मेट्रिक टन है ।जिसके सापेक्ष अब तक 18000 मैट्रिक टन फास्फेटिक उर्वरक प्राप्त हो चुका है ।

जनपद स्तर से सहकारिता क्षेत्र हेतु एक फुल रेक 2600 मैट्रिक टन फास्फेटिक उर्वरक का मांग पत्र शासन स्तर पर भेजा गया था , जिसके क्रम में 7 दिसंबर को उड़ीसा के पारादीप पोर्ट से 2650 मेट्रिक टन डी ए पी बलिया जनपद को प्राप्त हुआ है। यह रेक फेफना रेक पॉइंट पर 10 दिसम्बर को लगने की संभावना है ।इफको यूरिया की भी 2600 मेट्रिक टन की एक रेक काकीनाडा पोर्ट जनपद के लिए आ रही है ।

यह उर्वरक सहकारिता सेक्टर के केंद्रों के माध्यम से वितरित किया जाएगा । सीमावर्ती छेत्रों के दुकानदारों को विशेष निर्देश दिए गए है कि अन्य राज्यो को उर्वरक की आपूर्ति कदापि न करे अन्यथा तत्काल संज्ञान लेकर एफ सी ओ की धाराओं के अंतर्गत एफ आई आर की कार्यवाही की जाएगी ।

साथ ही साथ उन विक्रेताओं की सूची तैयार की जा रही है जिनके पास मशीन स्टॉक और गोदाम में उपलब्ध स्टॉक में अंतर है । इनके खिलाफ एफ सी ओ1985 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत एफ आई आर की भी कार्यवाही कराई जाएगी ।किसान भाई आधार न0 और जोत बही के माध्यम से उर्बरक की खरीद अपनी आवश्यकता के अनुसार कर सकते है और उर्बरक संबंधी किसी भी समस्या के निस्तारण हेतु जनपद स्तर पर उर्वरक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जिसका मोबाइल नंबर 78 3988 2474 है । इस पर कोई भी कृषक प्रातः 10:00 बजे से सायंकाल 5:00 बजे तक संपर्क कर अपनी समस्या से अवगत करा सकते हैं ।

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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