Uncategorized
बलिया के 10 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच टीजीटी परीक्षा का आयोजन, कुल 12569 परीक्षार्थी होंगे शामिल
बलिया। बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा के बाद अब एक और परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार और रविवार को टीजीटी यानि प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से टीजीटी की लिखित परीक्षा के लिए जिले में 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
लापरवाही न हो, इसके लिए अधिकारी रखेंगे निगरानी- दो पालियों में आयोजित होने वाली परीक्षा में सात अगस्त को कुल 6285 और आठ अगस्त को 6284 परीक्षार्थियों शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों की निगरानी स्टेटिक मजिस्ट्रेट और पर्यवेक्षक करेंगे। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर पांच सेक्टर मजिस्ट्रेट व इतने ही स्टेटिक मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है। परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो, इसके लिए उड़ाका दल की तीन टीमें बनाई गई है, जिसमें छह अधिकारियों को जिलाधिकारी अदिति सिंह ने नियुक्त किया है। इनमें जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. ब्रजेश मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर गुलाब चंद्रा, उपजिलाधिकारी बैरिया अभय कुमार सिंह, इंटर कालेज चितबड़ागांव के प्रधानचार्य अतुल कुमार तिवारी, एसडीएम बांसडीह दुष्यंत मौर्या और एसडीएम बेल्थरारोड सर्वेश यादव शामिल हैं।
परीक्षा सेंटरों को तीन सेक्टर में बांटा गया– वहीं परीक्षा सेंटरों को तीन सेक्टरों में बांटा गया है। सेक्टर एक और तीन में तीन-तीन परीक्षा केंद्र तथा सेक्टर दो में चार परीक्षा केंद्रों को शामिल किया है। इसके अलावा, सदर तहसीलदार सदानंद सरोज को सेक्टर एक, सिकंदरपुर के तहसीलदार श्रवण कुमार राठौर को सेक्टर दो, बांसडीह के तहसीलदार प्रवीण कुमार सिंह को सेक्टर तीन, रसड़ा के तहसीलदार प्रभात कुमार सिंह को सेक्टर चार और बेल्थरारोड के तहसीलदार जितेंद्र कुमार सिंह को सेक्टर पांच का सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया गया है। साथ ही डीएम ने राजकीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के 50 फीसदी कक्ष निरीक्षकों के अलावा 110 लेखपालों को बतौर कक्ष निरीक्षक तैनात किया, जो प्रत्येक केंद्रों पर 10 की संख्या में तैनात किए गए हैं।
टीजीटी परीक्षा को लेकर प्रशासन की पूरी तैयारी है। परीक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही न हो इसको लेकर प्रशासन नज़र बनाए हुए हैं। वहीं कोरोना के इस दौर में आयोजित होने वाली परीक्षा में सभी गाइडलाइन का पालन किया जाएगा।
Uncategorized
जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
Uncategorized
जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
Uncategorized
माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





