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बलिया में आक्सीजन सेल का गठन, खाली सिलेंडर लाने पर मिलेगा भरा सिलेंडर
बलिया: कोविड मरीजों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा के नेतृत्व में इंटीग्रेडेट कमाण्ड एंड कंट्रोल सेंटर में पांच सेल संचालित हैं। पेसेंट शिफ्टिंग सेल, होम आइसोलेशन सेल, वैक्सिनेशन सेल, हॉस्पिटल एंड पब्लिक ग्रिवांश सेल व आक्सीजन सेल का गठन किया गया है। इन सभी सेल के जरिए मरीजों को अधिकाधिक सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। सीडीओ स्वयं प्रतिदिन सभी सेल के कार्यों की मॉनिटिरिंग कर रहे हैं।
सीडीओ ने बताया कि पेशेंट शिफ्टिंग सेल के नोडल अधिकारी डॉ जेआर तिवारी को बनाया गया है, जबकि इनके सहयोगी के रूप में डॉ शशि प्रकाश व डॉ परमिंदर हैं। यह सेल मरीज को जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस व बेड की उपलब्धा सुनिश्चित कराएगा। दूसरा, होम आइसोलेशन सेल है जिसके को-आर्डिनेटर ज्योति प्रकाश चौहान हैं। इस सेल के माध्यम से पॉजिटिव मरीजों से प्रतिदिन सम्पर्क कर उनकी स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। अगर किसी को कोई दिक्कत है तो कंट्रोल सेंटर में ही तैनात डॉक्टर के जरिए उचित सलाह दिलाई जा रही है। साथ ही मरीजों को उनके घर तक दवा किट भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस सेल के माध्यम से प्रतिदिन होम आइसोलेशन में रह रहे करीब दो हजार मरीजों को कॉल की जाती है। वैक्सिनेशन सेल के नोडल अधिकारी सहायक अभियंता लघु सिंचाई श्याम सुंदर यादव हैं। जिनको वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है उनको दूसरी डोज के लिए इस सेल के द्वारा फोन कर प्रेरित किया जा रहा है।
मरीजों का ले रहे हाल, जरूरत पड़ने पर करा रहे सहयोग
हॉस्पिटल एंड पब्लिक ग्रिवांस सेल का भी काफी महत्वपूर्ण कार्य है, जिसके नोडल पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी राजीव यादव हैं। यह सेल पेशेंट शिफ्टिंग सेल से समन्वय बनाकर भर्ती मरीजों के हाल की जानकारी लेती रहेगी। इसके अलावा हेल्पलाईन नम्बरों 05498220857, 05498221856, 05498223918, 9454417979 पर आने वाली कॉल का भी संज्ञान लेकर डॉक्टरों के माध्यम से उचित सलाह दी जाती है।
आक्सीजन सेल का गठन, खाली सिलेंडर लाने पर मिलेगा भरा सिलेंडर
बलिया: आपात स्थिति में अब आक्सीजन के लिए लोगों को भाग-दौड़ नहीं करना पड़ें, इसके लिए आक्सीजन सेल का गठन किया गया है। जरूरत पड़ने पर आक्सीजन हेल्पलाइन नम्बर 05498221855 पर सम्पर्क किया जा सकता है। इस सेल के माध्यम से लोगों को बलिया आयरन स्टोर (दिल्ली पब्लिक कांवेंट स्कूल, बहेरी के पास) द्वारा आक्सीजन सिलेंडर मुहैया कराया जाएगा। बशर्ते, भरा हुआ सिलेंडर लेने के लिए खाली सिलेंडर लाना होगा। सेल के नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर संत कुमार ने बताया कि सिलेंडर लेने के लिए आईडी प्रूफ के रूप में मरीज का आधार कार्ड और जो लेने आया हो, उसका आधार कार्ड के साथ मेडिकल प्रेक्टिसनर डॉक्टर की हस्ताक्षरित पर्ची लाना अनिवार्य होगा। वर्तमान परिस्थिति में इस सेल का कार्य सबसे अहम माना जा रहा है।
अब घर बैठे देखें, कहां कितने बेड उपलब्ध
अब घर बैठे कोविड अस्पताल में उपलब्ध बेड की जानकारी मिल जाएगी। इसके लिए निदेशालय, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं की वेबसाईट dgmhup.gov.in पर जाने के बाद उसमें कोविड बेड एवेलिबिलिटी आप्शन पर क्लिक कर अपना जनपद चुनना होगा। उसके बाद किस कोविड अस्पताल में कितना बेड उपलब्ध है, उसकी जानकारी मिल जाएगी। सबसे अच्छी बात कि इस पर पूरे प्रदेश के कोविड अस्पतालों में खाली बेड की जानकारी की जा सकेगी।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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