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सदर तहसील पहुँची डीएम अदिति सिंह, दी सख्त हिदायत !
बलिया डेस्क : जिलाधिकारी अदिति सिंह ने सोमवार को सदर तहसील का मुआयना किया। उन्होंने समस्त टेबलों पर जाकर लिपिकों के उनके कार्य से जुड़ी जानकारी ली। स्पष्ट कहा कि अगर कोई अपनी वाजिब समस्या लेकर तहसील आए तो उसको शीर्ष प्राथमिकता पर लेते हुए निस्तारण कराया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवास व मत्स्य पट्टा आवंटन के बारे में एसडीएम राजेश यादव से जानकारी ली। कहा कि हर पात्र को ही नियमानुसार पट्टा आवंटित होना चाहिए। आपदा में लोगों को राहत दिलाने से सम्बन्धित कार्य के बारे में भी जानकारी ली। तहसील में खराब पड़े आरओ प्लांट व खिड़कियों के टूटे शीशों को तत्काल ठीक कराने का निर्देश दिया। तहसील में रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए उसके लिए अपेक्षित कार्यवाही करने को कहा। इस दौरान सीआरओ विवेक श्रीवास्तव, एडीआर रामआसरे साथ थे।
विकास खंड दुबहड़ का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी ने सोमवार को दुबहड़ ब्लॉक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बीडीओ से जरूरी पूछताछ करने स्थापना लिपिक से लेकर लेखाकार स्तर के सभी अभिलेखों की जांच-पड़ताल की। कहा कि कार्यालय के सभी रिकार्ड हमेशा अपडेट होना चाहिए। महिला हेल्प डेस्क व कोविड हेल्प डेस्क भी देखा। महिला डेस्क पर आए महिलाओं के आवेदन को प्राथमिकता पर संज्ञान में लेकर निस्तारण कराने के निर्देश दिए। एडीओ पंचायत को निर्देश दिया कि क्षेत्र के हैंडपंप व ट्रांसफार्मर की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट बनाकर दें। सीडीओ डॉ विपिन जैन, डीडीओ राजितराम मिश्र साथ थे।
4 से 8 मार्च के बीच छात्रवृत्ति आवेदन अग्रसारित करने का समय
वित्तीय वर्ष 2020—21 में शासन ने सभी वर्गों के दशमोत्तर छात्रवृत्ति् एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनान्तर्गत संस्था स्तर पर अग्रसारित करने की तिथि को 8 मार्च तक बढ़ा दिया है। समाज कल्याण अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि अग्रसारित करने से वंचित आवेदनों को 4 मार्च से 8 मार्च के बीच संस्थान अग्रसारित कर सकते हैं।
आरोग्य मेला में पशुओं का नि:शुल्क उपचार, स्वस्थ रखने के दिए गए टिप्स
पशुपालन विभाग द्वारा सोमवार को विकास खंड बेरूआरबारी के साहोडीह, मुरलीछपरा के चॉददियर व रसड़ा के पटना में पं दीन दयाल उपाध्याय पशु अरोग्य शिविर/मेला का आयोजन किया गया। मेले में कुल मिलाकर 1576 पशुओं का निःशुल्क उपचार (बड़े पशु 589 एवं छोटे पशु 987), 168 पशुजों के बांझपन की समस्या का निवारण तथा 18 पशुओं में लघु शल्य चिकित्सा जिला मुख्यालय से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने किया। टीम में डॉ संजीव कुमार, डा मनोज कुमार राय, डा जेपी नारायण, डॉ अग्रेश सिंह यादव थे। मेला पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में डिप्टी सीवीओ डा शिवकुमार बैस, डॉ संजय श्रीवास्तव, डा नरेन्द्र प्रताप सिंह रहे। इसके अलावा विषय विशेषज्ञ डॉक्टरों ने संचारी रोग नियन्त्रण अभियान माह के तहत पशुओं को स्वस्थ रखने के सम्बन्ध में जागरूक भी किया। आरोग्य मेला में महिलाओं एवं बालिकाओं के सुरक्षा, सम्मान एवं स्वायलम्बल के लिए संचालित मिशन शक्ति के अन्तर्गत 41 महिलाओं को पशुपालन के विभिन्न आयामों से सम्बन्धित ट्रेनिंग भी दी गयी। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यही है कि महिलाएं पशुपालन से सम्बन्धित व्यवसाय अपनाकर स्वावलम्बी बन सकें।
बालक-बालिकाओं के अधिकार व विभिन्न योजनाओं की दी जानकारी
मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिला कल्याण विभाग द्वारा यशोदा इन्टर कालेज दूबेछपरा में आयोजित कार्यक्रम में बालक-बालिकाओं के अधिकार व सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी। मुख्य अतिथि डिप्टी कलेक्टर सीमा पांडे ने कहा कि यह आवश्यक है कि हर किसी को अपने सुरक्षा से सम्बन्धित व अन्य अधिकार की जानकारी हो। इससे वह अपना हक पा सकत है। सह विधि परिवक्षा अधिकारी डॉ अर्चना दूबे ने पॉक्सो एक्ट के बारे में बताया। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, विभिन्न हेल्पलाईन नम्बर, महिला शक्ति केंद्र, बेटी बचाओ बेटी बढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। महिला कल्याण अधिकारी पूजा सिंह, प्रिया सिंह आदि थीं।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


