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बलिया- साइबेरियन पक्षियों का खुलेआम किया जा रहा शिकार, विभागीय अधिकारी मौन !
बलिया डेस्क : ठंड में विदेशी मेहमान पक्षियों का जनपद में हर साल की तरह इस बार भी आगमन हुआ है। लेकिन इस बार जनपद में सैलानी पक्षियों की जान संकट में है। विभिन्न घाटों पर मेहमान विदेशी पक्षियों का बेरहमी से शिकार कर कत्ल कर दिया जा रहा है। इसकी वजह से ये पक्षी अपने वतन को लौट नहीं पाते हैं।
सूचना के बावजूद वन विभाग के अधिकारी मौन साधे हुए हैं। ये पक्षी खुले मार्केट में 500 से लेकर 1000 रुपये में बेचे जा रहे हैं। शिकारी जाल बिछाकर, जहर या बंदूक से इनका शिकार कर रहे हैं। इस मामले में उदासीनता बरत रहे जिम्मदारों की लापरवाही से आए दिन बड़ी संख्या में पक्षी शिकारियों का निवाला बनते चले जा रहे हैं।
बता दें की ठंड बढ़ने के साथ ही साइबेरियन पक्षी भारत में आते हैं। ये पक्षी भारत में आकर सर्दियां गुजारते हैं। वे उत्तरी एशिया, रूस, कजाकिस्तान तथा पूर्वी साइबेरिया से यहां आते हैं। दो हजार से पांच हजार किलोमीटर की दूरी तो ये आसानी से उड़कर तय कर लेते हैं। वैसे तो शिकार की वजह से ही पूर्व की अपेक्षा सैलानी पक्षियों की आवक हर वर्ष की अपेक्षा काफी कम हो रही है, इसके बावजूद शिकारी पूरी व्यवस्था को धता बताकर रोजाना इन पक्षियों को अपना शिकार बना रहे हैं।
सुरहा के विशाल जलक्षेत्र के अलावा बोहा ताल में भी सैलानी पक्षियों का धड़ल्ले से शिकार किया जा रहा है। शिकारियों को कोई भी रोकने-टोकने वाला नहीं है, जिससे वे बेखौफ होकर शिकार करते हैं।
टिड्डों से करते हैं शिकार
शिकारी पहले पानी में कमल के पत्तों पर जहर लेप कर मरे हुए टिड्डों को रख देते हैं और फिर पानी में विचरण करते पक्षियों को दूसरी तरफ से जाकर उस ओर खदेड़ देते हैं। जैसे ही पक्षी उन कमल के पत्तों से टिड्डों को खाते हैं, कुछ देर के बाद अचेत हो जाते हैं। फिर शिकारी नाव की सहायता से उन्हें तत्काल बटोर लेते हैं और उन्हें अपना आहार तो बनाते ही हैं, बड़ी क़ीमत पर शौकीनों को बेच भी देते हैं।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,
छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।
योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।
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