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बलियाः ज़िला अस्पताल से ग़ायब हुई सिक्किम की युवती मामले में अब नया मोड़ !

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बलिया डेस्क : बलिया ज़िला अस्पताल में भर्ती सिक्किम की युवती के अचानक ग़ायब होने से बवाल खड़ा हो गया है।  अब इस मामले में नया मोड़ सामने आया है। समाजिक संगठन इस मामले को लेकर ज़िला प्रशासन के खिलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं। आरोप है कि एक पुलिसकर्मी ने युवती का अपहरण किया है। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है।

बलिया पुलिस ने ट्विटर के ज़रिए एक बयान जारी करते हुए कहा, “17 सितंबर को सिक्किम की रहने वाली एक लड़की प्रिया उर्फ सुजाता दोरजे को बलिया रोडवेज कर्मियों द्वारा पुलिस की मदद से जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, जो असमान्य हरकत कर रही थी। प्रिया का जिला चिकित्सालय में उपचार किया गया। कुछ स्वस्थ होने पर उसे जिला चिकित्सालय द्वारा 18 सितंबर को रात 8 बजे डिस्चार्ज कर दिया”।

पुलिस ने आगे बताया, “बाद में कतिपय समाजसेवियों द्वारा उसके गुम होने की सूचना कोतवाली को दी गयी। इस सूचना पर कोतवाली पुलिस द्वारा सक्रिय होकर उसका पता लगाया गया तो पता चला कि वह लड़की महानंदा एक्सप्रेस के S-4 में जा रही है। कोतवाली पुलिस द्वारा जीआरपी कटिहार से संपर्क किया गया”।

पुलिस ने बताया, “कटिहार चाइल्ड हेल्प लाइन,आरपीएफ कटिहार व जीआरपी कटिहार की संयुक्त टीम की मदद से उसे उतार लिया गया। जीआरपी कटिहार से वार्ता की गई। उनके द्वारा अपनी अभिरक्षा में होना बताया गया तथा उसकी फोटो भी भेजी गयी।

वर्तमान समय में प्रिया उर्फ सुजाता दोरजे जीआरपी कटिहार की अभिरक्षा में है”। दरअसल, सिक्किम की मूल निवासी सुजाता दोरजे उर्फ प्रिया बलिया रोडवेज पर बेहोशी की हालत में लोगों को मिली थी। जिसके बाद उसको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

यहां उसका इलाज चल रहा था। बताया जा रहा है कि दो दिन के इलाज के बाद रात को एक पुलिसकर्मी डॉक्टर पर दबाव बनाकर जबरन प्रिया को अपने साथ ले गया। तब से वह लापता थी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि युवती को नारी निकेतन भेजने के लिए पुलिस को सूचना भेज दी गई थी, मगर इसी बीच सुजीत यादव नाम का एक सिपाही आया और युवती को जबरन डिस्चार्ज कराकर अपने साथ ले गया।

इस बात की ख़बर लोगों को तब हुई जब समाजिक संगठन के लोग युवती का हालचाल लेने ज़िला अस्पताल पहुंचे। यहां इन लोगों को युवती नहीं मिली। जिसके बाद समाजिक संगठन के लोगों ने जिला अस्पताल में ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और युवती को तलाश किए जाने की मांग करने लगे।

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस हरकत में आई जिसके बाद युवती की तलाश शुरु की गई। पुलिस के मुताबिक युवती को ढूंढ लिया गया है, वो इस वक्त जीआरपी कटिहार की अभिरक्षा में है।

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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