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पत्रकार के परिजनों से मिलने बलिया जा रहे कांग्रेस प्रदेश चीफ़ को हिरासत में लिया गया
बलिया में पत्रकार रतन सिंह की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस इस मामले को लेकर सूबे की योगी सरकार पर लगातार हमलावर है और पत्रकार के साथ इंसाफ़ किए जाने की मांग कर रही है। सरकार पर दबाव बनाने के लिए यूपी के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू ने मोर्चा संभाल लिया है। वो पत्रकार के परिजनों से मिलने के लिए बलिया जा रहे हैं। हालांकि उन्हें रास्ते में ही हिरासत में ले लिया गया है।
अजय कुमार लल्लू ने ख़ुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने लिखा, “बलिया के पत्रकार रतन सिंह की हत्या, बेगुनाहों की हत्या को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पत्रकार रतन सिंह के परिजनों से मिलने जा रहा हूं, भाजपा सरकार की पुलिस ने सलोन टोल पर गाड़ी रोक दी है, पैदल जा रहा हूं। गुंडाराज पे लगाम लगाओ। तानाशाह होश में आओ”। ख़बर है कि इस दौरान पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया।
प्रदेश अध्यक्ष @AjayLalluINC जी को रोकने के लिए अब मुकदमे की धमकी दी जा रही है! अरे जितने मुकदमे लादने हैं लाद दो, अन्याय और जंगलराज के खिलाफ आवाज बुलंद होती रहेगी। pic.twitter.com/0dPf3RLo1R
— UP East Congress (@INCUPEast) August 25, 2020
अजय कुमार लल्लू ने पहले ही इस बात के संकेत दे दिए थे कि वह प्रदेश के कुछ नेताओं के साथ पत्रकार के परिजनों से मिलने बलिया जाएंगे। साथ ही उन्होंने आजमगढ़ के बीडीसी सदस्य सुरेंद्र यादव के परिजनों से मिलने की बात भी कही थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिजनों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बलिया के पत्रकार रतन सिंह की हत्या, बेगुनाहों की हत्या को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
पत्रकार रतन सिंह के परिजनों से मिलने जा रहा हूं,भाजपा सरकार की पुलिस ने सलोन टोल पर गाड़ी रोक दी है। पैदल जा रहा हूं।
गुंडाराज पे लगाम लगाओ।
तानाशाह होश में आओ। pic.twitter.com/c28zji0h5S— UP Congress (@INCUttarPradesh) August 25, 2020
बलिया जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष समेत
महासचिव मनोज यादव, किसान कांग्रेस अध्यक्ष तरुण पटेल, लखनऊ जिला अध्यक्ष वेद त्रिपाठी समेत दर्जनों कार्यकर्ता हिरासत में।बलिया में हुई पत्रकार की हत्या
परिजनों से मिलने जा रहे थे कांग्रेसी नेता। pic.twitter.com/l6qZSGiRxf— UP Congress (@INCUttarPradesh) August 25, 2020
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी प्रदेश में हो रही लगातार हत्याओं को लेकर योगी सरकार पर हमलावर हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “19 जून- श्री शुभममणि त्रिपाठी की हत्या, 20 जुलाई- श्री विक्रम जोशी की हत्या, 24 अगस्त- श्री रतन सिंह की हत्या, बलिया. पिछले 3 महीनों में 3 पत्रकारों की हत्या।
11 पत्रकारों पर खबर लिखने के चलते FIR। यूपी सरकार का पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतन्त्रता को लेकर ये रवैया निंदनीय है”। बता दें कि बीते कल सहारा न्यूज में काम करने वाले पत्रकार रतन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में परिजनों ने पुलिस को भी आरोपी बनाया है। पुलिस का कहना है कि इस हत्या का पत्रकारिता से कोई लेना देना नहीं है।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।





