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बलिया- कोरोनकाल में अब TV पर चलेगी क्लास और होंगे लेक्चर्स, कंट्रोल रूम बनाए गए

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बलिया: कोरोना काल में विद्यालय खुलने की स्थिति नहीं बन पाने के कारण वर्चुअल स्कूल व ई-ज्ञान गंगा के माध्यम से पठन पाठन सुनिश्चित कराने के निर्देश शासन से मिले हैं। डीआईओएस भाष्कर मिश्र ने पूरी व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि शासन स्तर से यह निर्णय लिया गया है कि टेलीविजन पर प्रसारण के जरिए छात्रों को शिक्षा दी जाए। इसके लिए स्पेशल शिक्षकों का चयन हुआ है, जिनकी वीडियो दूरदर्शन व स्वयंप्रभा चैनल पर प्रसारित की जाएगी। वीडियो में कोई त्रुटि न हो, इसलिए एनसीईआरटी के विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जांच पड़ताल के बाद ही जारी होगी। सभी शिक्षकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह खुद भी समय से प्रसारण को देखेंगे।

अनुमान है कि करीब 80 फीसदी बच्चों को इस व्यवस्था का लाभ जरूर मिलेगा। हर दस विद्यालय पर एक नोडल अधिकारी बनाए गए हैं, जो हर हफ्ते की समीक्षात्मक रिपोर्ट डीआईओएस को देंगे। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था पहले भी शुरू की गई थी, लेकिन उसका लाभ वही लोग ले पाए जिनके पास लैपटॉप या स्मार्टफोन थे।

ऐसे में स्मार्टफोन नहीं होने से बहुत सारे छात्र वंचित हो जा रहे थे। इसी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। डीआईओएस मिश्र ने बताया कि अगर कोई टीवी पर देखने से वंचित रह गया तो वह माध्यमिक शिक्षा विभाग के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध उन वीडियो को देख सकता है।

तीन भागों में है संशोधित पाठ्यक्रम, शिक्षकों के लिए यह निर्देश

डीआईओएस ने बताया कि वर्तमान सत्र के लिए पाठ्यक्रम कम करते हुए संशोधित पाठ्यक्रम का विभाजन तीन भागों में किया गया है। पहला, दूरदर्शन स्वयंप्रभा चैनल पर लेक्चर के माध्यम से पढ़ाई जाने वाला पाठ्यक्रम, दूसरा छात्र द्वारा स्वयं अध्ययन किए जाने वाला पाठ्यक्रम तथा तीसरा प्रोजेक्ट वर्क से संबंधित पाठ्यक्रम। ऑनलाइन शिक्षा के लिए शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप का भी प्रयोग करेंगे और माध्यमिक शिक्षा विभाग के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध शिक्षण सामग्री को शेयर करते रहेंगे, ताकि इंटरनेट का प्रयोग करने वाले छात्र लाभान्वित हो सकें।

हफ्ते में पांच दिन वीडियो देखने के बाद प्रत्येक शनिवार को दिन में 10 से 2 बजे के बीच शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान व्हाट्सएप या फोन द्वारा किया जाएगा। इसके लिए विद्यालय स्तर पर विषयवार शिक्षकों का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया जाएगा।

जिनके पास कोई व्यवस्था नहीं, उनको पहुंचाई जाएगी पाठ्य सामग्री

बतौर डीआईओएस, जिनके पास टीवी या स्मार्टफोन नहीं है उनके लिए कोशिश की जा रही है कि पंचायत भवन पर टेलीविजन की व्यवस्था हो जाए। अगर दोनों व्यवस्था के बाद भी कुछ छात्र पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं तो उसके लिए पत्राचार शिक्षा संस्थान, प्रयागराज से प्राप्त पठन पाठन से संबंधित मैटेरियल पहुंचाने की कोशिश होगी।

दूरदर्शन यूपी पर 10 व 12वीं तथा स्वयंप्रभा चैनल पर 9-11 की वीडियो का प्रसारण

जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि कक्षावार तथा विषयवार लेक्चर्स वीडियो के माध्यम से पढ़ाए जाएंगे। 10वीं व 12वीं के लिए दूरदर्शन यूपी पर सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 1 से 2 बजे तक, 2:30 से 3 बजे तक, 3:30 से 5 बजे तक, 5:30 से 6:30 बजे तक क्लास व विषयवार वीडियो प्रसारित होगा।

इसी प्रकार 9वीं व 12वीं के लिए स्वयंप्रभा चैनल-22 पर सोमवार से शुक्रवार तक दिन में 11 बजे से 1 बजे तक व शाम 4:30 से 6:30 बजे तक लेक्चर वीडियो का प्रसारण होगा। डीआईओएस ने बताया कि दोनों चैनल पर प्रसार के लिए निर्धारित समय सारणी का व्यापक प्रचार-प्रसार विद्यालय व अन्य माध्यमों से सुनिश्चित किए जाने का निर्देश दे दिया गया है।

महीने के अंत में होगा मूल्यांकन

दोनों चैनल के माध्यम से प्रत्येक महीने के अंत में मूल्यांकन के लिए प्रश्न प्रसारित किया जाएगा। छात्र उन प्रश्नों के उत्तर व्हाट्सएप के माध्यम से अध्यापकों को भेजेंगे। व्हाट्सएप से जो नहीं भेज सकते उनके लिए विद्यालय में कक्षावार ड्रॉपबॉक्स की व्यवस्था होगी, जिसमें विद्यार्थी या उनका अध्यापक उत्तर डाल सकते हैं। सभी विद्यालय के प्रधानाचार्य और कक्षावार अध्यापक व्यवस्था का सफल संचालन सुनिश्चित कराएं।

कंट्रोल रूम स्थापित, कार्य व दायित्व का निर्धारण

जनपद स्तर पर मॉनिटरिंग के लिए डीआईओएस ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जिसके नोडल एडीआईओएस राकेश कुमार (9451934692) होंगे। अन्य किसी जानकारी के लिए प्रधानाचार्य अतुल कुमार (9415254589) तथा कनिष्ठ अध्यापक विशाल गुप्ता (8726172110) से संपर्क किया जा सकता है। कंट्रोल रूम से ही व्यापक प्रचार प्रसार कराने के साथ ट्रेनिंग दी जाएगी। वर्चुअल स्कूल से संबंधित प्रत्येक गतिविधि का संचालन तथा उसका पर्यवेक्षण विद्यालय स्तर पर प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी होगी। प्रेसवार्ता में प्रधानाचार्य अतुल कुमार, सुशील श्रीवास्तव संजय यादव आदि थे।

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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

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बलिया। जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव में 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर धर्मात्मा नंद ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं ध्वजारोहण के साथ किया।

ध्वजारोहण के बाद विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी। बच्चों ने भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और रानी लक्ष्मीबाई जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के प्रतीकात्मक रूप धारण कर उनके त्याग, संघर्ष और देशभक्ति की गाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत नंदिनी मिश्रा की मधुर आवाज में प्रस्तुत गीत ‘चिट्ठी आई है’ से हुई। उनकी प्रस्तुति ने मौजूद लोगों को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद ‘जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया’ और ‘भारत की जान है तिरंगा’ जैसे देशभक्ति गीतों ने पूरे विद्यालय परिसर को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया।

कक्षा 11 के शारीरिक शिक्षा के विद्यार्थियों ने योग के विभिन्न आसनों का शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं प्री-प्राइमरी एवं प्राइमरी के बच्चों ने ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’ गीत पर मनमोहक प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में देशभक्ति के रंग भर दिए। कक्षा 8 की छात्राओं द्वारा पारंपरिक कजरी गीत पर प्रस्तुत नृत्य कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।

विद्यालय के प्रबंध निदेशक तुषार नंद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवा पीढ़ी के हाथों में है। उन्होंने बच्चों से अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्य अतिथि, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सीनियर कोऑर्डिनेटर अरविंद चौबे, जूनियर कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा सहित समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों के बीच मिष्ठान का वितरण किया गया।

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बलिया में विनोद राय की दसवीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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बलिया के नरही थाना गोलीकांड के शहीद विनोद राय की दसवीं पुण्यतिथि पर बुधवार को नरही में श्रद्धांजलि का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने शहीद विनोद राय को नमन किया। फेफना विधानसभा के विभिन्न गांवों से निकली विशाल तिरंगा यात्रा जब नरही पहुंची तो पूरा इलाका देशभक्ति के नारों और तिरंगों से पट गया। नरही खेल मैदान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने पहुंचकर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी के नेतृत्व में फेफना विधानसभा के विभिन्न गांवों से तिरंगा यात्रा निकाली गई। मोटरसाइकिलों पर सवार हजारों कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लेकर नरही पहुंचे। इसके बाद खेल मैदान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम लोगों की मौजूदगी रही।

सभा में प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, बांसडीह विधायक केतकी सिंह, पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक संजय यादव समेत कई नेताओं ने विनोद राय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

वक्ताओं ने विनोद राय की शहादत को याद करते हुए उनके संघर्ष और बलिदान को नमन किया। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है। डॉ. महेंद्र सिंह ने बलिया की क्रांतिकारी धरती को नमन करते हुए कहा कि यहां की मिट्टी, पानी और जवानी में अद्भुत तेवर है।

पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने कहा कि विनोद राय जैसे कार्यकर्ताओं का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। बांसडीह विधायक केतकी सिंह ने कहा कि अपने संगठन और नेता के लिए जीवन का बलिदान देने वाले विनोद राय को हमेशा नमन किया जाएगा।

 12 अगस्त 2016 की काली रात कभी नहीं भूल सकता

कार्यक्रम संयोजक पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी ने भावुक होते हुए कहा कि 12 अगस्त 2016 की काली रात और विनोद राय की कुर्बानी को वह कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि विनोद राय के परिवार को हर कीमत पर न्याय मिलेगा और दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा कि कार्यकर्ता के सम्मान और उसकी शहादत को याद रखना संगठन की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में चौसा (बक्सर) ब्लॉक प्रमुख सुनीता राय, कोऑपरेटिव बैंक चेयरमैन विनोद शंकर दूबे समेत कई लोगों ने संबोधित किया। भोजपुरी कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने किया।

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तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह नहीं रहे, बलिया की राजनीति ने खोया अपना सबसे बड़ा जननेता

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बलिया। रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रहे और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के निधन से पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार देर रात उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि होते ही उनके आवास पर समर्थकों, शुभचिंतकों और क्षेत्रीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर ओर गम और सन्नाटा पसरा रहा।

नगरा ब्लॉक के खनवर गांव निवासी उमाशंकर सिंह लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। पिछले कई महीनों से उनका इलाज चल रहा था। उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार चर्चाएं थीं, लेकिन बुधवार रात उनके निधन की खबर ने पूरे पूर्वांचल को स्तब्ध कर दिया।

उमाशंकर सिंह केवल एक विधायक नहीं थे, बल्कि रसड़ा की राजनीति का ऐसा चेहरा थे जिनकी पहचान पार्टी से कहीं अधिक उनके जनसंपर्क, विकास कार्यों और सामाजिक सरोकारों से थी। यही वजह रही कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर हर दल के नेताओं ने उनके निधन को क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया।

छात्र राजनीति से विधानसभा तक का सफर

सेवानिवृत्त सैनिक घुरहू सिंह के बड़े पुत्र उमाशंकर सिंह ने छात्र राजनीति से अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया। वे सतीश चंद्र महाविद्यालय, बलिया के छात्रसंघ महामंत्री रहे। इसके बाद वर्ष 2002-03 में जिला पंचायत सदस्य चुने गए और यहीं से उनकी राजनीतिक यात्रा ने नई दिशा पकड़ी।

लगातार तीन चुनाव जीते

साल 2012 में बसपा के टिकट पर पहली बार रसड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने करीब 84 हजार वोट हासिल किए और सपा प्रत्याशी सनातन पांडेय को 52,825 वोटों के बड़े अंतर से हराकर पहली बार विधायक बने।

2017 में भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह को 33,885 वोटों से हराकर दूसरी बार विधानसभा पहुंचे।

वहीं 2022 के चुनाव में सपा-सुभासपा गठबंधन की चुनौती के बावजूद उन्होंने सुभासपा प्रत्याशी महेंद्र चौहान को करीब 5 हजार वोटों से हराकर जीत की हैट्रिक पूरी की। बसपा के कमजोर दौर में भी उनकी यह जीत पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी थी।

समाजसेवा से बनाई अलग पहचान

राजनीति में आने से पहले उमाशंकर सिंह सड़क निर्माण के व्यवसाय से जुड़े रहे। विधायक बनने के बाद इस कार्य की जिम्मेदारी उनके परिवार ने संभाली। लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान समाजसेवी के रूप में रही। उन्होंने अपने जीवनकाल में 600 से अधिक निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह कराकर समाज में एक अलग मिसाल कायम की।

शोक में डूबा बलिया

उनके निधन की खबर मिलते ही रसड़ा, नगरा और पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचकर अंतिम दर्शन कर रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूर्वांचल ने आज अपना एक लोकप्रिय, जुझारू और जनसेवा के लिए समर्पित नेता खो दिया।

उमाशंकर सिंह के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि सभा के कार्यक्रम की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। उनका निधन केवल रसड़ा विधानसभा ही नहीं, बल्कि पूरे बलिया की राजनीति के लिए एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।

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