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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर बलिया कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
बलिया : पेट्रोल -डीजल की कीमतों में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी को लेकर बलिया कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार को जिला कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट बलिया के माध्यम से भारत के महामहिम राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन सौंपा जिसमें मुख्य रुप से पेट्रोल डीजल के मूल्यों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी का विरोध दर्ज कराया एवं मोदी सरकार द्वारा जबरन वसूली को रोकने के बाबत ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश पांडे ने कहा की मई 2014 से जब से भाजपा ने सत्ता संभाली थी पेट्रोल पर उत्पादन शुल्क 9.20 प्रति लीटर और डीजल पर 3.46 प्रति लीटर था, पिछले 6 सालों में केंद्र की भाजपा सरकार ने पेट्रोल पर उत्पादन शुल्क में 23.78 प्रति लीटर एवं डीजल पर 28 .37 लीटर की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर दी है।
उन्होंने कहा कि चौंकाने वाली बात है कि पिछले 6 सालों में भाजपा सरकार द्वारा डीजल के उत्पाद शुल्क में 820% तथा पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 58% की वृद्धि की गयी। केवल पेट्रोल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क से मोदी सरकार ने पिछले 6 सालों में 18.00.000 करोड़ रुपए कमा लिए। 3 माह पहले लाकडाऊन लगाए जाने के बाद पेट्रोल व डीजल पर उत्पाद शुल्क को बार-बार बढ़ा कर तो मुनाफाखोरी और जबरन वसूली की सभी हदें पार कर दी गई। मार्च 2020 को पेट्रोल व डीजल के मूल्य में 3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।
पेट्रोल और डीज़ल के दामों में हो रही लगातार वृद्धि के विरोध में आज जिला कलेक्ट्रेट बलिया में महामहिम राष्ट्रपति जी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय को सौंपा गया और कांग्रेस पार्टी की माँगों को लेकर विरोध जताया गया।#SpeakUpForFuelHike pic.twitter.com/PDWnLzZdPM
— Ballia Congress (@INCBallia) June 29, 2020
पिछले साढे 3 महीनों में भाजपा सरकार ने डीजल पर मूल्य और उत्पाद शुल्क 26.48 प्रति लीटर पेट्रोल पर 21.50 प्रति लीटर बढ़ा दिया, एक सरकार द्वारा देश के नागरिकों का इससे ज्यादा शोषण और क्या हो सकता है। देश के नागरिकों से छल करने और उनकी गाढ़ी कमाई की जबरन वसूली का अंदाजा इस बात से लग सकता है कि पिछले कुछ महीनों में कच्चे तेल के भाव कम हुए हैं।
बलिया कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश पांडेय जी के नेतृत्व में आज पेट्रोल और डीज़ल के दामों में हो रही बेतहाशा वृद्धि को लेकर जिला कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया गया तथा महामहिम राष्ट्रपति जी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय को सौंपा गया।@INCUttarPradesh @INCUPEast pic.twitter.com/QBHkcNwJkS
— Ballia Congress (@INCBallia) June 29, 2020
उन्होंने कहा कि 24 जून 2020 को कच्चे तेल का अंतरराष्ट्रीय भाव 43.41 अमेरिकी डालर प्रति बैरल था जो डॉलर और रुपए भाव के अनुसार 3288.71 प्रति बैरल बनता है एक बैरल में 159 लीटर होते हैं । इसलिए 24 जून 2020 को कच्चे तेल का प्रति लीटर भाव 20.88 बनता है इसके विपरीत पेट्रोल डीजल के मूल्य आसमान छूकर 80 प्रति लीटर पहुंच गए हैं जिससे साबित होता है कि मोदी सरकार भारत के भोले – भाले नागरिकों की जेब पर डाका डालकर उन्हें खसोट रही है ।
कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए ओमप्रकाश ने कहा कि भाजपा सरकार ने पेट्रोल डीजल के दाम आसमान पर पहुंचा दिए हैं और हम आग्रह करते हैं कि 5 मार्च के बाद पेट्रोल डीजल के दामों एवं उत्पाद शुल्क में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लिया जाए और इसका फायदा जनता तक पहुंचाएं!
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


