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उत्तर प्रदेश

अति पिछड़ों व अति दलितों को आरक्षण देगी योगी आदित्यनाथ सरकार

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प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ अति पिछड़ों व अति दलितों को साधने की तैयारी में हैं. सीएम  ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि अति पिछड़ों व अति दलितों के उत्थान के लिए उनकी सरकार काम करेगी. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो अति पिछड़ों व अति दलितों को आरक्षण दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा इसके लिए जल्द समिति बनेगी. बजट सत्र के दौरान चर्चा में बोलते हुए सीएम योगी ने ये बात कही.

हालांकि, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस विधायक अजय सिंह लल्लू के सवाल पर मंत्री रमापति शास्त्री ने ऐसी किसी योजना से इनकार किया. लल्लू ने पूछा था कि क्या सरकार मछुआ समाज की उपजाति कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिंद, भर, मांझी, मछुआ आदि को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी करेगी?

बता दें, 2005 के विधानसभा चुनावों में नीतीश कुमार ने अति पिछड़ों व अति दलितों को आरक्षण देने का कार्ड खेला था. उसके बाद से ही बिहार की राजनीति बदल गई.

इससे पहले अपने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने सपा और बसपा को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा समाजवादी पार्टी ने किसानों के साथ विश्वासघात किया. विपक्ष ने जो आंकड़े सदन में दिए हैं, वह सत्य और वास्तविकता से परे है. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में सरकार का कार्य संतोषजनक रहा है. पिछली सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल में बजट को खर्च करने के बजाय बंदरबाट होता था. पिछले सरकार के मुकाबले हमारी सरकार ने एक वर्ष में 14 प्रतिशत अधिक बजट खर्च किया है. तीन लाख 84 हजार करोड़ का पिछला बजट था, उसमें 97 प्रतिशत खर्च हुआ है. सभी विभाग का अलग-अलग आंकड़ा प्रस्तुत किया. जिसमें बताया कि किस विभाग में कितना खर्च हुआ.

मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा वे बोलते ज्यादा हैं, काम कम करते है. सरकार ने अपना बजट जनता के सामने रखने से पहले आय व्यय का ध्यान रखा है. हम अपने स्वार्थों के लिए बैंक करप्ट नहीं बना सकते. उन्होंने कहा कि यह भी आरोप लगा कि सरकार ने कई विभागों के बजट कम कर दिए हैं. यह सच नहीं है.

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “डेरी विकास के लिए हमने इस बजट में व्यवस्था की है. चीनी उद्योग के लिए भी हमने व्यवस्था की है. समाजवादी पार्टी ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है. चीनी मिलों को बेचने का काम पहले की सरकारें करती थी. हमने नई चीनी मील लगाने का काम किया है. पहली बार चीनी मील का मालिक कह रहा है कि सरकारी स्तर पर चीनी मिलों के लिए काम हुआ है.”

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उत्तर प्रदेश

बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में

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मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।

प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।

टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।

टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।

इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।

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PET परीक्षा में फर्जीवाड़ा, बलिया के बांसडीह CHC के मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता गिरफ्तार

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बलिया। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) में धांधली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बलिया के बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर फर्जी दस्तावेज के जरिए सॉल्वर को परीक्षा में बैठाने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने इस मामले में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।

कैसे चलता था खेल
पुलिस के मुताबिक, गिरोह अभ्यर्थियों से 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूलता था। इसके बाद एडमिट कार्ड और पहचान पत्र में हेरफेर कर किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा देने के लिए भेजा जाता था। इस खेल को मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता संगठित तरीके से संचालित कर रहा था।

गिरफ्तारी और बरामदगी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।

पुलिस का सख्त रुख
एसपी ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमित गुप्ता समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच चल रही है।

यह गिरफ्तारी जिले में स्वास्थ्य विभाग और परीक्षा प्रणाली दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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गाली देने वाले शहरों के टॉप 10 में शामिल हुआ बलिया, 73% लोग करते हैं गालियों का इस्तेमाल

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बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का नाम अब उन शहरों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जहाँ गालियों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। हाल ही में जारी एक सर्वे के मुताबिक, बलिया के 73% लोगों ने खुद कबूल किया कि वे बातचीत के दौरान गालियों का प्रयोग करते हैं।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अब यह आदत सिर्फ युवाओं और बड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि चौथी क्लास तक के बच्चे भी गालियां देने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण सोशल मीडिया, मोबाइल गेम्स और घर-परिवार का माहौल है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि गालियों की बढ़ती आदत न केवल भाषा को दूषित कर रही है, बल्कि बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल रही है। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से बच्चों को बेहतर वातावरण और सही भाषा सिखाने की अपील की।

टॉप 10 शहर जहाँ सबसे ज्यादा गालियां दी जाती हैं

  1. कानपुर – 78%

  2. लखनऊ – 76%

  3. वाराणसी – 76%

  4. मुरादाबाद – 76%

  5. संतकबीरनगर – 76%

  6. मेरठ – 75%

  7. प्रयागराज – 75%

  8. गौतमबुद्ध नगर – 73%

  9. बलिया – 73%

  10. मिर्जापुर – 73%

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