बलिया स्पेशल
इस बार का ददरी मेला हो सकता है बे-रौनक़, इस वजह से लोगों के चेहरे से ग़ायब रहेगी मुस्कान!
बलिया: कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दिन सोमवार से शुरू हुआ ददरी मेला वैसे तो सजधज कर तैयार है। लेकिन मेले में आए झूले, चरखी के संचालन पर इस बार ग्रहण लग सकता है। क्योंकि जिस जमीन पर झूले, चरखी का फाउंडेशन तैयार किया गया है, वह जमीन काफी दलदल है। ऐसे में नगर पालिका प्रशासन भी हाथ खड़ा करते हुए सीधे जिला प्रशासन को जिम्मेदारी सौंप दी है।अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि विगत वर्षों में घटित घटनाओं के मद्देनजर व दलदल जमीन
को देखते हुए मेरे द्वारा चरखी के संचालन पर रोक लगाई गई है। जिससे आज दूसरे दिन भी चरखी व झूले का संचालन नहीं हुआ। मैं दलदल जमीन का हवाला देते हुए जिला प्रशासन को पत्र लिखा हूं। अब जिला प्रशासन की परमिशन मिलने के बाद ही चरखी व झूले का संचालन संभव है।गौरतलव हो कि मेले में चरखी व झूले मेलार्थियों के लिए सबसे मनोरंजन की चीज है। ऐसे में इसका संचालन न होने पर मेला पर इसका साइड इफेक्ट पड़ सकता है।
क्योंकि युवा वर्ग चरखी व झूले का आनंद लेने के लिए ही मेला आते हैं। ऐसे में यदि चरखी व झूले का संचालन नहीं हुआ तो मेला फीका पड़ सकता है। बीते माह आई भयानक बाढ़ के बाद पानी तो निकल गया, लेकिन जमीन काफी दलदल हो गई और यही दलदल जमीन पर चरखी व झूले के संचालन के लिए नगर पालिका जोखिम नहीं उठाना चाहता। लिहाजा अध्यक्ष अजय कुमार ने खुद इस बात से जिला प्रशासन को अवगत कराया।
ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा जमीन की जांच होने के पश्चात ही चरखी या झूला संचालन हो पाएगा कि नहीं स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल दूसरे दिन भी मेला परिवार में आए चरखी व झूलों का संचालन नहीं हुआ। जिससे चरखी व झूले वाले मायूस नजर आए।
ददरी के चलते छोड़ दिए दूसरा मेला: मेले में दो बड़ी चरखी, एक ड्रैगन, ब्रेक डांस, ट्रेन आदि कुल छह झूले व चरखी है। लगातार दूसरे दिन भी बंद होने के कारण झूले व चरखी के संचालकों का कहना था कि हम लोग तो मेला में आकर फंस गए हैं। दूसरे दिन भी सारे लेवरों को बैठाकर पैसा देना पड़ा। इस मेला के चलते हम लोग दूसरा मेला छोड़ दिए हैं। ऐसे में यदि परमिशन नहीं मिली तो हम लोगों का काफी नुकसान हो जाएगा।
पांच साल में तीन मौत की घटना से लेना चाहिए सबक: दलदल जमीन के मद्देनजर चरखी के संचालन पर रोक लगाना काफी हद तक सही है। क्योंकि विगत वर्षों में हुई घटना से सबक लेना चाहिए। वर्ष 2014 में दुबहर क्षेत्र के ही नेहा यादव की झूले में गिरने से मौत हो गई थी। जबकि 2016 में नरहीं के कंचन खरवार की भी झूले से गिरने से मौत हो गई थी।
जबकि बीते वर्ष एक युवती जो कि सेल्फी ले रही थी, अंसतुलित होकर गिर जाने से मौत हो गई थी। दलदल जमीन को देखते हुए हम झूले और चरखी का रिस्क नहीं ले सकते हैं। मनोरंजन से ज्यादा हमारे लिए जान की कीमत है। मेरे द्वारा जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया है। जिला प्रशासन जैसा निर्णय लेंगे। वैसा किया जाएगा।
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बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन
बलिया। नारायणपुर स्थित बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी का शानदार आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने विज्ञान के विभिन्न आयामों पर आधारित अपने मॉडल प्रदर्शित कर सबको प्रभावित किया। उनकी सृजनशीलता और तकनीकी कौशल को देखकर अतिथि, अभिभावक व आगंतुक मंत्रमुग्ध रह गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र के विख्यात एवं सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्री विनोद कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह, अभिभावकों तथा पूर्व छात्रों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों में नवाचार, शोध क्षमता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देती हैं। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों व प्रतिभागी छात्रों का आभार व्यक्त किया।
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फेफना खेल महोत्सव : कबड्डी फाइनल में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बेटियों का दमदार प्रदर्शन
बलिया, 3 दिसंबर 2025। फेफना खेल महोत्सव 2025 के तहत आज बालिका वर्ग की कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच और जोश से भरपूर रहा। खिताबी जंग जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव और मर्चेंट इंटर कॉलेज, बलिया के बीच खेली गई।
कड़े संघर्ष से भरे इस मैच में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बालिकाओं ने शानदार कौशल, साहस और टीमवर्क का परिचय दिया। अंतिम मिनटों तक चले रोमांचक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने उपविजेता का खिताब हासिल किया।

पूर्व खेल मंत्री ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व खेल मंत्री श्री उपेंद्र तिवारी ने दोनों टीमों से भेंट कर उनका हौसला बढ़ाया। मैच के बाद उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को मेडल व ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

विद्यालय परिवार में उत्सव जैसा माहौल
विद्यालय के प्रबंधक निदेशक इंजीनियर तुषार नंद ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि बेटियों का यह प्रदर्शन स्कूल के लिए गर्व की बात है।
प्रधानाचार्य अरविंद चौबे और क्रीड़ा शिक्षक सरदार मोहम्मद अफजल ने भी टीम की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बलिया स्पेशल
बलिया पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, जेएनसीयू के दीक्षांत समारोह का किया शुभारंभ
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (जेएनसीयू) के दीक्षांत समारोह में मंगलवार को प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उनके आगमन पर विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
राज्यपाल ने दीप प्रज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया और मेधावी छात्रों को पदक पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में कुलपति, शिक्षकों और छात्रों ने राज्यपाल का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने छात्रों से कहा कि वे शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को भी समझें और देश के विकास में योगदान दें। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को भी बधाई दी और बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाए रखने की सराहना की।
समारोह में जिले के कई गणमान्य व्यक्ति, जनप्रतिनिधि और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


