बलिया स्पेशल
हार्दिक पटेल का प्रोग्राम रद्द कराने के लिए बलिया प्रशा’सन, हिं’दू’वा’दी संगठन एकजुट, पोस्टर फा’ड़ा और चे’ता’व’नी दी
बलिया– गुजरात के पटेल आंदोलन को लीड करने वाले हार्दिक पटेल अब मौजूदा भाजपा सरकार के मुखर विरोधी बनकर उभर चुके हैं और उनकी लोकप्रियता का देश भर में तेज़ी से विस्तार हो रहा है. वहीँ सत्ता के तानाशाही रवैये के खिलाफ भी वह अपनी मशाल की आंच लगातार बढ़ाते जा रहे हैं. इस बीच उन्हें बलिया आना था बतौर मुख्य अतिथि ‘युवा संवाद’ प्रोग्राम में शामिल होने. लेकिन उनके आने से पहले ही उनका विरोध होने लगा है.
खबर है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और हिन्दू युवा वाहिनी के सदस्यों ने शहर भर में लगा उनका और प्रोग्राम के पोस्टर फाड़ डाले. इन संगठनों ने हार्दिक पटेल पर समाज में विषमता फैलाने का आरोप लगाया है. वहीँ दूसरी तरफ इस प्रोग्राम के आयोजक और युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह का कहना है कि चुन चुनकर हमारे ही होर्डिंग्स फाड़े गए हैं, जबकि भाजपा नेताओं के पोस्टर्स जस के तस लगे हुए हैं.

रोहित कुमार ने कहा कि संगठन के अलावा प्रशासन भी पूरी कोशिश में है कि किसी तरफ इस प्रोग्राम को रद्द कर दिया जाए. उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम के लिए उन्होंने 2 अगस्त को टीडी कॉलेज का मनोरंजन हॉल बुक कराया था. प्रोग्राम 14 सितम्बर को होना था लेकिन अब चंद घंटे पहले ही टीडी कॉलेज ने बुकिंग रद्द कर दिया है. उनका कहना है कि कॉलेज में परीक्षा होने वाली है, इसलिए हम आपको मनोरंजन हॉल नहीं दे सकते.
रोहित सिंह ने बलिया खबर से फ़ोन पर बात करते हुए बताया, सरेआम दिन के उजाले में हमारी होर्डिंग और पोस्टर को उखाड़ा गया वहीं भाजपा के नेताओं की होर्डिंग चमक रही है. भाजपा लोकतंत्र का गला घोंट रही है. युवा चेतना के बढ़ते प्रभाव से घबरा कर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन के दबाव में हॉल का आवंटन रद्द किया गया है. उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को बंगाल जाने से रोका जा रहा है तो पूरे देश में तांडव कर रहे हैं.
वहीं गांधी-पटेल के प्रदेश से युवा नेता आ रहा है तो भाजपा कार्यक्रम को रद्द कराना चाहती है. हिंदूवादी संगठनों को आगे कर सरकार समाज में फूट डालो और राज करो की नीति को बढ़ावा दे रही है. युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा की कल बलिया के डीएम से मिलकर युवा संवाद के आयोजन हेतु स्थल का माँग करेंगे. वहीँ रोहित कुमार सिंह ने विपक्षी पार्टीयों से एक मंच पर आने की अपील भी की है.

उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और उत्तर प्रदेश के पूर्व अखिलेश यादव से बलिया में लोकतंत्र की हत्या को होने से रोकने की अपील भी की. साथ ही उन्होंने कहा की देश की अर्थ व्यवस्था चौपट हो गई है, जीडीपी 5 फिसदी है, बीएसएनएल चरमरा गया है,पार्ले जी बंद होने की स्थिति में है,मारुति ने उत्पादन तीन दिनों के लिए बंद किया और देश की वित्त मंत्री ओला और ऊबर पर मंदी बढ़ाने का दोष मढ़ रही हैं. देश में आपातकाल का शुरुआत हो चुका है नौजवानों को गोलबंद होने की आवश्यकता है. रोहित सिंह ने सवाल करते हुआ कहा कि क्या जो भाजपा का विरोध करेगा तो क्या वो देशद्रोही है.
लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल उठता है कि परीक्षा की तैयारी तो काफी समय पहले ही शुरू हो जाती है. ऐसे में बुकिंग के वक़्त यह ख्याल क्यों नहीं आया. ज़ाहिर सी बात है कि कॉलेज पर भी प्रशासन और संगठन की तरफ से दबाव बनाया जा रहा है. रोहित ने आगे कहा कि अगर आप अपने प्रोग्राम में हार्दिक को नहीं बुलाते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं. माना जा सकता है कि हार्दिक के नाम से ही सभी को दिक्कत है.
बलिया
अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।
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जननायक की जन्मशताब्दी पर महाअभियान, बलिया में हजारों लोगों को मिलेगा निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ
जननायक चन्द्रशेखर जी की जन्मशताब्दी को केवल समारोहों तक सीमित न रखकर जनसेवा के संकल्प से जोड़ने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में 26 से 28 जून तक बलिया के विभिन्न क्षेत्रों में तीन दिवसीय विशाल निःशुल्क मेडिकल कैंप का आयोजन होगा, जिसमें वाराणसी और लखनऊ से आने वाले विशेषज्ञ चिकित्सक ग्रामीणों और जरूरतमंदों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें परामर्श देंगे।
पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर जी की पुत्रवधू डॉ. सुषमा शेखर के नेतृत्व में आयोजित इस स्वास्थ्य सेवा अभियान का उद्देश्य गांवों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है। शिविर में नेत्र, अस्थि, श्वास एवं सामान्य रोगों की जांच के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा निःशुल्क परामर्श दिया जाएगा।

स्वास्थ्य शिविर का पहला चरण 26 जून को करनई स्थित वृंदावन शिक्षण संस्थान, दूसरा 27 जून को रतसर स्थित डी.एस. मेमोरियल गर्ल्स डिग्री कॉलेज तथा तीसरा 28 जून को सोहांव क्षेत्र के पिपरा कला स्थित प्रभा मंडपम में आयोजित किया जाएगा। सभी शिविर सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित होंगे।
आयोजकों के अनुसार लखनऊ और वाराणसी के अनुभवी चिकित्सकों की टीम लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच करेगी तथा आवश्यक चिकित्सकीय सलाह भी देगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों जैसी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अपने क्षेत्र में ही मिल सकेगा।
डॉ. सुषमा शेखर ने जनपदवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने और इस जनहितकारी पहल का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जननायक चन्द्रशेखर के जनसेवा के आदर्शों को आगे बढ़ाने का सबसे अच्छा माध्यम समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।
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लखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा सवाल: क्या बलिया के कोचिंग संस्थान सुरक्षित हैं?
बलिया। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है, जिसके बाद कई जिलों में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है।
इसी बीच बलिया जिले में भी बिना मानकों और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के संचालित हो रहे सैकड़ों कोचिंग संस्थानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लेकर बेल्थरा रोड, रसड़ा, सिकंदरपुर, बांसडीह और बैरिया जैसी तहसीलों तक अनेक कोचिंग सेंटर संकरी गलियों, बहुमंजिला भवनों और व्यावसायिक परिसरों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो अग्निशमन उपकरण दिखाई देते हैं और न ही आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोचिंग संस्थान क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाकर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। अधिकांश भवनों में फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों की स्थिति की कभी जांच नहीं होती। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो हालात बेहद भयावह हो सकते हैं।
लखनऊ हादसे के बाद कानपुर समेत कई जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और कई संस्थानों को सील भी किया गया है।
अब सवाल यह है कि क्या बलिया प्रशासन भी जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराएगा? क्या बिना मानक और बिना सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच होगी? लखनऊ की त्रासदी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
(यह जनहित से जुड़ा विषय है। प्रशासन को जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी और भवन मानकों की तत्काल जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके।)
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