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आखिर हर जेसीबी क्यूँ पीले रंग की होती ? हैरान रह जायेंगे जानते ही …
आज हम बात करेंगे जेसीबी मशीन और उसके पीले रंग के बारे में। दोस्तों आपने जेसीबी मशीन खूब देखी होगी खासतौर पर यह इंडिया में और भी ज्यादा देखने को मिलती है क्योंकि इंडिया में ही आमतौर पर खुदाई का काम अधिकतर होता है ।

दोस्तों ऐसे तो आपने बहुत सारी गाड़ियां देखी होंगी और उन गाड़ियों के अलग-अलग रंग भी होते हैं उसी तरह अगर आपको याद होगा कि जेसीबी मशीन पीले रंग की होती है ।लेकिन क्या आपको यह बात पता है कि जेसीबी का रंग पीला होने के पीछे क्या राज है ?तो आज हम आपको बताएंगे कि आखिर जेसीबी का रंग पीला क्यों होता है? ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो यह नहीं जानते होंगे कि इसका रंग पीला होने के पीछे आखिर क्या कारण है ?
दोस्तों अक्सर हम छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देते हैं लेकिन कभी कबार यही छोटी-छोटी बातें हमारे लिए बड़ा मुद्दा बन जाते हैं। जैसे कभी कभी हमारे बच्चे या किसी इंटरव्यू में यह सवाल हमसे पूछ लिया जाता है कि जेसीबी का रंग पीला क्यों होता है और हम इन बातों पर ध्यान ना देने के कारण इस सवाल का जवाब नहीं दे पाते हैं तो आइए जानते हैं कि आखिर जेसीबी का रंग पीला ही क्यों होता है ?

दोस्तों अक्सर हम जेसीबी मशीन को देखते ही इस बात का अंदाजा लगा लेते हैं कि जरूर इस जगह पर खुदाई का काम चल रहा होगा और कुछ दिनों पहले आपने ध्यान दिया होगा कि सोशल मीडिया पर भी जेसीबी बहुत ज्यादा वायरल हो रही थी “हैशटैग जेसीबी की खुदाई” करके । पिछले दिनों कई बार जेसीबी को हर जगह देखा गया और जैसे ही जेसीबी को देखा जाता वहीं पर भीड़ इकट्ठा हो जाती ।लोग उसके साथ फोटो खींचकर या सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर उन फोटोस को डाल देते ।देखते ही देखते यह एक ट्रेंड बन गया था।
दोस्तों आपको बता दें कि जेसीबी 9345 को पहली बार लॉन्च हुई थी। जेसीबी को ब्रिटेन की एक कंपनी ने बनाया था। दोस्तों है क्या आपको पता है कि जिस समय जेसीबी को पहली बार बनाया गया था उस समय जेसीबी का कोई का नाम नहीं रखा गया था बहुत समय तक जेसीबी का नाम सोचने के बाद जब कोई रिजल्ट सामने नहीं आया तो जेसीबी का नाम उसे बनाने वाले “जोसेफ़ सायरिल बम्फोर्ड “(जेसीबी) के नाम पर रख दिया गया ।

दोस्तों जेसीबी का रंग पीला इसलिए होता है क्योंकि सभी रंगो में पीला रंग एक ऐसा रंग है जो लोगों का अटेंशन बहुत ही आसानी से अपनी तरफ खींच लेता है और पीला रंग दूर से ही हर किसी को बिल्कुल साफ नजर आ जाता है ।
दोस्तों वाहन दो प्रकार के होते हैं एक होते हैं आम वाहन और दूसरे होते हैं विशेष वाहन ।आम वाहनों में कार ,मोटरसाइकिल आती है और विशेष वाहन में आते हैं जेसीबी, क्रेन और स्कूल बस। और यही कारण है कि विशेष वाहनों को खासतौर पर पीले रंग से ही रंगा जाता है ताकि दूर से ही जेसीबी को देख कर पता चल सके कि उस जगह पर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है। यही कारण है कि जेसीबी का रंग पीला होता है ।शुरूवात में जेसीबी का रंग लाल और सफेद होता था लेकिन बाद में इसे पीले रंग का कर दिया गया।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





