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साव’धान : इन गल’त हरक’तों से हड्डि’यां हो सकती है समय से पहले बे’कार, नौजवा’नो में अक्स’र करके…
हमारे शरीर को ऊर्जा के लिए भोजन की आवश्यकता होती है लेकिन हमारे भोजन में केवल दाल चावल ही नहीं बल्कि कई प्रकार की सब्जियां ,फल ,दूध, दही ,शामिल होनी चाहिए । इन सभी चीजों से हमारे शरीर में अलग-अलग तरह के विटामिंस प्रोटींस की पूर्ति होती है। दोस्तों आपने कई बार सुना होगा कि कुछ विटामिंस की कमी के कारण कई बीमारियां हो जाती है,या प्रोटीन की कमी के कारण कोई बीमारी हो गई या समय से पहले हड्डियां कमजोर हो गई, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि कभी कभी यही विटामिन और प्रोटीन अधिक मात्रा में ले लेने के कारण भी हमें बीमारियां हो सकती हैं।
कई बार हम अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर जाते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक साबित होती है ।तो आइए आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसी ही गलतियों के बारे में जिन्हें जानकर शायद आप दोबारा ऐसा ना करें ।

दोस्तों आप सभी जानते होंगे कि विटामिन ए हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद है खासतौर पर आंखों के लिए लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि यदि हम विटामिन ए को सप्लीमेंट के रूप में लेने लगे तो यह हमारे लिए कितना घातक हो सकता है। विटामिन ए को सप्लीमेंट के रूप में लेने से हमारी हड्डियां कमजोर हो सकती हैं इसलिए जितना हो सके विटामिन ए को भोजन के सोर्स से ही लेने की कोशिश करें ।
दोस्तों क्या आप यह जानते हैं कि आवश्यकता से अधिक नमक या मीठे का प्रयोग करने से भी आप की हड्डियां समय से पहले कमजोर हो जाती हैं। अक्सर हम सुनते हैं कि हमारे घरों में या मित्रों में ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिन्हें मीठा बहुत पसंद होता है तो आप उन्हें यह बात जरूर बता दें कि जरूरत से ज्यादा मीठा खाने के कारण हड्डियां वक्त से पहले कमजोर हो जाती हैं ।

दोस्तों अगर आप कॉफी के शौकीन है और दिन भर में तीन चार कप कॉफी पी लेते हैं तो आपको भी सतर्क रहने की आवश्यकता है क्यों की कॉपी में पाए जाने वाला कैफीन आवश्यकता से अधिक लेने पर यह हमारी बोन डेंसिटी के विपरीत कार्य करने लगता है और हमारी हड्डियों को वक्त से पहले कमजोर बना देता है ।
दोस्तों रोजमर्रा की जिंदगी में बूढ़े हो या जवान सभी को कुछ न कुछ परेशानी लगी ही रहती है लेकिन हम कभी यह नहीं सोचते हैं कि आखिर हमने ऐसा क्या खाया या पिया जिसके कारण हमारा शरीर कमजोर हो रहा है। हम इस बात का पता नहीं लगा पाते हैं कि जाने अनजाने में हमारे छोटे मोटे शौक हमारी हड्डियों पर भारी पड़ रहे हैं।

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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





