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उ’न्ना’व रे’प को लेकर लखनऊ पहुचें अखिलेश यादव, सबको दिखाया आईना…
उन्नाव गैंगरेप केस में एक नया मोड़ आया है दोस्तों उस ट्रक की शिनाख्त हो चुकी है। जिससे पीड़िता का एक्सीडेंट हुआ था । आज हम आपको बताएंगे कि आखिर यह ट्रक किसकी है ? लेकिन यह बताने से पहले हम आपको बताना चाहेंगे कि आखिर पूरा मामला क्या है?
दोस्तों पिछले साल उन्नाव में एक गैंग रेप हुआ था उन्नाव के विधायक कुलदीप सेंगर पर इस रेप का इल्जाम आया है जिसके कारण कुलदीप सहगल को जेल जाना पड़ा । जेल जाने के बावजूद कुलदीप सेंगर जिस पार्टी के नेता है उस पार्टी ने उन्हें अभी तक बाहर नहीं किया है ।
आपको बता दें कि कुलदीप सेंगर बीजेपी के विधायक हैं इस मामले में और भी हंगामा तब मचा जब पीड़िता के पिता को पुलिस ने उठा लिया था पुलिस कस्टडी में कुलदीप सेंगर और उनके साथियों ने पीड़िता के पिता को खूब मारा-पीटा जिसके कारण पीड़िता के पिता की मौत हो गई । पिता की हुई मौत के कारण पीड़िता को पुलिस सुरक्षा में रखा गया था लेकिन कुछ समय बाद पीड़िता ने सुरक्षाकर्मियों पर भी संदेह जताया ।
अब इस केस में नया मामला यह सामने आया है कि पीड़िता अपने चाचा से मिलने जा रही थी पीड़िता के साथ थे उनके वकील उनकी मौसी और उनकी चाची लेकिन रास्ते में उनका एक्सीडेंट हो गया। एक्सीडेंट जिस ट्रक से हुआ था उसकी नंबर प्लेट पर कालिख लगी हुई थी।
एक्सीडेंट के बाद जब ट्रक वाला ट्रक लेकर भागने लगा तो लोगों ने ट्रक का नंबर नोट करने की कोशिश की लेकिन लोगों को वह नंबर नहीं दिखाई दिया क्योंकि नंबर प्लेट पर तो पेंट लगा हुआ था इस वजह से लोगों का शक यकीन में बदल गया कि पीड़िता का एक्सीडेंट इत्तेफाक नहीं बल्कि सोची समझी साजिश है . इस एक्सीडेंट में पीड़िता के साथ जाने वाली मौसी ,चाची और वकील की वहीं मौत हो गई लेकिन पीड़िता अभी जिंदा है पीड़िता की गंभीर हालत को देखते हुए उसे लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में भेज दिया गया है।
आज उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीड़िता से मुलाकात की । पीड़िता से मिलने के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि “यह काफी दुखद दुर्घटना है इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए उतनी कम है पीड़िता के साथ जो कुछ भी हुआ है उस ने सिर्फ प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरी देश की माताओं और बहनों को झकझोर के रख दिया । उन्होंने कहा कि यह बहुत ही शर्म की बात है कि इस देश में बेटी के साथ अत्याचार होता है फिर जब वह बेटी न्याय मांगने के लिए पुलिस के पास जाती है तो उसके पिता को मार दिया जाता है लेकिन जब इस से भी उन्हें सुकून नहीं मिलता तो वे लोग उस बेटी को भी मारने का प्रयास करते हैं।
सभी को पता है कि पुलिस कस्टडी में पीड़िता के पिता को जान से मारने वाले कौन लोग हैं पीड़िता के साथ गलत करने वाले लोग कौन हैं ।उंगलियां सरकार पर उठ रही है ।बीजेपी के विधायक ने जो हरकत की है उसका जवाब आखिर कौन देगा सरकार आखिर खामोश क्यों है ?

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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





