बलिया
बलिया के 99 परिषदीय स्कूलों को जिले के अफसरों ने लिया गोद
बलिया जिले के 2249 परिषदीय स्कूलों में से 99 स्कूलों को अफसरों ने गोद ले लिया है। 89 स्कूलों को जिला प्रशासन के अधिकारियों ने गोद लिया है, जबकि दस स्कूलों को जिले के जनप्रतिनिधियों ने गोद लिया है। अब इन स्कूलों की सूरत संवरेगी और सुविधाएं बढ़ेंगी। हालांकि बलिया के विधायक या सांसद ने अब तक किसी विद्यालय को गोद नहीं लिया है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के गोद लेने के प्रकिया गतिमान है। बता दें कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के गोद लेने की प्रक्रिया गतिमान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर विकास से दूर जिले के 132 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट स्कूलों का चयन किया गया था। इसमें से 99 स्कूलों को तो अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने गोद लिया ले लिया है। अब इन स्कूलों का कायाकल्प किया जाएगा।
अभी 33 स्कूल ऐसे हैं जिन्हें किसी ने गोद नहीं लिया है। बता दें कि जिन अधिकारियों ने 89 स्कूलों को गोद लिया है। उसमें अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड पीडब्लूडी, खनन अधिकारी, चकबंदी अधिकारी, अधिशासी अभियंता यूपीपीसीएल, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव, एनआईसी के डीआईओ, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला पंचायत, प्राचार्य डायट, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला प्रभारी नैफेड, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, जिला मनोरंजन कर अधिकारी, दुग्ध विकास अधिकारी, बांट-माप अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी सिंचाई एवं जल संसाधन, परियोजना प्रबंधक भूमि सुधार निगम बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र, जिला बचत अधिकारी, पीओ डूडा, जिला युवा कल्याण एवं पीआरडी अधिकारी, पीओ नेडा, अधिशासी अभियंता यूपीपीसीएल, अधिशासी अभियंता नलकूप, पीएमजीएसवाई के अलावा सभी तहसीलदार, सभी ईओ शामिल हैं।
बता दें कि जिले के चयनित 132 स्कूलों में 19 पैरामीटर के तहत कार्य कराए जाने हैं। जिन स्कूलों में नौ पैरामीटर तक कायाकल्प हुआ है, उसको 19 तक पूरा करना है। चयनित 132 स्कूलों में से जिन 99 स्कूलों को अधिकारियों/जनप्रतिनिधियों ने गोद लिया है उनमें जिलाधिकारी ने माल्देपुर प्राथमिक विद्यालय को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जूनियर हाईस्कूल फेफना और जिला विकास अधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय धरहरा को गोद लिया है। कायाकल्प योजना डीसी सत्येंद्र राय का कहना है कि बाकी स्कूलों को गोद लेने की प्रकिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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