इन दिनों बलिया के जिला अस्पताल में आजमगढ़ मंडल के तीनों जिले का मेडिको लीगल मेडिकल बनाया जा रहा है। इसकी वजह यह है कि आजमगढ़ और मऊ में रेडियोलाजिस्ट नहीं हैं, जिसे देखते हुए एडी स्वास्थ्य ने ऐसा निर्देश जारी किया है।
जिला अस्पताल के एक्स-रे जांच रूम पर लोड बढ़ गया है। इसका असर यहां के ओपीडी मरीजों पर भी पड़ रहा है। ओपीडी के मरीजों की एक्स-रे जांच प्रभावित हो रही है।
एडी स्वास्थ्य डॉ. नन्दलाल के आदेश के मुताबिक, आजमगढ़ मंडल के आजमगढ़ और मऊ के सरकारी अस्पतालों में रेडियोलाजिस्ट का अभाव है। जिससे इन जिलों का मेडिको लीगल जिला अस्पताल में बनाया जा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मियों की मानें तो आजमगढ़ और मऊ के प्रतिदिन करीब 70 मेडिको लीगल जिला अस्पताल में बनाये जा रहे हैं। करीब सभी का एक्स-रे जांच भी की जाती है। वहीं इंडोर व दुर्घटना से संबंधित करीब साठ मरीजों का भी एक्स-रे किया जाता है। जबकि जिला अस्पताल में एक्स-रे करने की क्षमता महज 25 मरीज की है। ऐसे में एक्स-रे जांच रूम का लोड पहले की अपेक्षा काफी बढ़ गया है।
ओपीडी के मरीजों को बाहर की पैथालाजी पर जांच करानी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में ऐसी व्यवस्था करीब डेढ़ माह से चली आ रही है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी का इस पर कोई ध्यान नहीं हैं।
शायद यही कारण है कि ओपीडी के गरीब मरीजों को जांच के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। इस संबंध में सीएमएस डा एस प्रसाद ने बताया कि एडी स्वास्थ्य के निर्देशानुसार जिला चिकित्सालय में मऊ और आजमगढ़ से रेफर होकर आए मरीजों का एक्सरे संबंधी जांच कर मेडिकल बनाया जा रहा है।
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