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अग्निवीर भर्ती परीक्षा- रसड़ा, बेल्थरा रोड और घोसी के 409 अभ्यर्थी रेस में हुए सफल

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वाराणसी । सरकार के द्वारा अग्निवीर भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है। इसके तहत युवाओं की शारीरिक क्षमताओं को परखा जा रहा है। वाराणसी के छावनी स्थित सेना भर्ती कार्यालय में चल रही सेना भर्ती में आज बलिया व मऊ जनपद के अभ्यर्थियों ने रेस में हिस्सा लिया।

इस भर्ती रैली में कुल 7713 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया, वहीं 6573 युवकों ने रेस में हिस्सा लिया। इसमें बलिया के रसड़ा बेल्थरा रोड़ मऊ के घोसी तहसीलों के युवा भी शामिल थे। जिसमें से 409 रेस में सफल हुए। सफल हुए अभ्यर्थियों को मैदान की दूसरी ओर अन्य दस्तावेजों की जांच के लिए बैठाया जा रहा है। स्कैनिंग सिस्टम के जरिए दस्तावेज का सत्यापन हो रहा है।

अब 24 नवंबर को मऊ के मधुबनी, मोहम्दाबाद, गोहना व मऊ नाथ भंजन तहसीलों के 7724 अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। बता दें कि चयन भर्ती प्रक्रिया सीसीटीवी की निगरानी में हो रही है। आर्मी इंटेलिजेंस के साथ ही स्थानीय अभिसूचना इकाई, कमिश्नरेट पुलिस और एसटीएफ अलर्ट है। किसी तरह की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। वहीं रणबांकुरे मैदान के आसपास अभ्यर्थियों की मदद के लिए सेना कार्यालय की ओर से हेल्प डेस्क भी बनाई गई है।

 

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

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बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

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