बलिया
बलिया में अलग अलग हादसों में 2 की मौत, 5 घायल
बलिया में दो अलग अलग सड़क दुर्घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हो गए। सड़क दुर्घटनाएं सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरु कर दी है।
पहली घटना तितौली गांव के पास हुई। जहां देवरिया जनपद के बनकटा क्षेत्र के भोड़वार से खेजुरा गांव में आई बारात में शामिल 5 लोग कार से वापस घर जा रहे थे। तभी उनकी कार बस से टकरा गई। सूचना मिलते ही एसएसओ योगेश यादव घटनास्थल पर पहुंचे और सभी घायलों को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचा। जहां चिकित्सकों ने फागू प्रसाद (70 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। वहीं घटना में घायल 30 वर्षीय अर्जुन, नितेश गुप्ता (32 वर्ष), अमित गुप्ता (28 वर्ष), पंकज उम्र 16 साल निवासी बनकटा देवरिया का जिला अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
दूसरी घटना सिकंदरपुर के सिवानकला क्षेत्र में हुई। जहां बाइक सवार दो युवक पुलिया से टकरा गए। जानकारी के मुताबिक लक्ष्मीपुर लिलकर निवासी रितेश (27 वर्ष) पुत्र रामनाथ अपने दोस्त अभिषेक (28 वर्ष) पुत्र सत्य प्रकाश निवासी सिवान कला के साथ कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान करने बाइक से बलिया जा रहा था। तभी कोल्डस्टोरेज के सामने उनकी बाइक असंतुलित होकर पुलिया से टकरा गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने रितेश को मृत घोषित कर दिया। जबकि अभिषेक की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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